* पेटके ‘अल्सर’के लिए : पेटका ‘अल्सर’ एक गम्भीर समस्या है । इसमें पेट, ‘एसोफैगस’ या छोटी आंतमें पीडा होती है । यदि इसका उपचार नहीं किया जाए, तो इसके परिणाम घातक भी हो सकते हैं । ‘अल्सर’के लिए केला भी बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है । केला ‘फाइबर’युक्त होता है और ‘फाइबर’ ‘एंटीबायोटिक’ औषधियोंके दुष्प्रभावको न्यून करनेके साथ-साथ पेटके छालोंका उपचार करनेका कार्य कर सकता है ।
* त्वचाको करता है कोमल : केला त्वचाके लिए बहुत ही अच्छा प्राकृतिक आर्द्रतासे पूर्ण तत्त्वकी भांति कार्य कर सकता है । यह ‘कैरोटिनॉइड’से समृद्ध होता है, जो शुष्क और ढीली त्वचाको तुरन्त ‘मॉइस्चराइज’ करनेका कार्य कर सकता है ।
* कैसे करें प्रयोग ? : एक पका हुआ केला लें और उसे अच्छी प्रकारसे मसल लें ! मसले हुए केलेको, आंखोंको छोडकर, पूरे मुखपर लगाएं ! लगभग २० मिनट पश्चात गुनगुने जलसे अपना मुख धो लें ! यदि त्वचा अधिक शुष्क है, तो केलेमें आधा मधु मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं । एक पके हुए केलेके साथ एक चम्मच दही और एक चम्मच ‘विटामिन-E’युक्त तेल, जैसे बादाम तेलको अच्छी प्रकारसे मिला लें ! इस मिश्रणको २० मिनटके लिए मुखपर लगाए रखें और गुनगुने जलसे मुख धो लें !
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