केला (भाग-२)


केलेका सेवन स्वास्थ्यके लिए लाभदायक माना जाता है । इसमें ‘फाइबर’ पाया जाता है, जो भारको सन्तुलित करने और पाचन क्रियाको सुचारू रूपसे चलानेमें सहायता करता है । इसमें ‘फाइबर’ प्रचुर मात्रामें होता है, जो प्रतिरोधक तत्त्वके रूपमें पेटके स्वास्थ्यको ठीक रखनेका कार्य करता है । इसमें ‘मैग्नीशियम’ भी पाया जाता है, जो श्रेणी-२ के मधुमेहको रोकनेका कार्य कर सकता है ।

* इस बातको ध्यानमें रखना चाहिए कि केला किसी भी प्रकारसे किसी रोगका चिकित्सकीय उपचार नहीं है । इसका सेवन रोगसे सुरक्षा और उसके लक्षणोंके प्रभावको न्यून करनेमें कुछ सीमातक सहायक हो सकता है ।

* पोषक तत्त्वकी मात्रा : प्रति १०० ग्राम केलेमें : जल ७५ ग्राम, ऊर्जा ८९ kcal, ‘प्रोटीन’ १ ग्राम, ‘लिपिड’ (वसा) ०.३३ ग्राम, ‘कार्बोहाइड्रेट’ २३ ग्राम, ‘फाइबर’, कुल ‘डायटरी’ २.६ ग्राम, मिठास १२ ग्राम, ‘कैल्शियम’ ५ मि.ग., ‘आयरन’ ०.२६ मि.ग., ‘मैग्नीशियम’ २७ मि.ग., ‘फास्फोरस’ २२ मि.ग., ‘पोटैशियम’ ३६० मि.ग., ‘सोडियम’ १ मि.ग., जिंक ०.१५ मि.ग., ‘विटामिन c8’ ७ मि.ग., ‘थायमिन’ ०.०३ मि.ग., ‘राइबोफ्लेविन’ ०.०७३ मि.ग., ‘नियासिन’ ०.६६५ मि.ग., ‘विटामिन b6 ३७० मि.ग., ‘फोलेट’, ‘लिपिड फैटी एसिड’, कुल ‘सैचुरेटेड’ ०.११२ ग्राम, ‘फैटी एसिड’, कुल ‘मोनोअनसैचुरेटेड’ ०.०७२ ग्राम, ‘फैटी एसिड’ कुल ‘पॉलीअनसैचुरेटेड’ ०.१६४ ग्राम, ‘फैटी एसिड’ कुल ‘ट्रांस’ ० ग्राम, ‘कोलेस्ट्रॉल’ ० मि.ग. ।

* स्वस्थ पाचनके लिए : केला ‘फाइबर’से समृद्ध होता है, जो पाचन तन्त्रको ठीक रखनेमें सहायता कर सकता है । ‘फाइबर’के कारण भोजन ठीक प्रकारसे पच जाता है और मल निकासीकी प्रक्रिया सरल हो जाती है । ‘फाइबर’ मलावरोध जैसी पेटसे सम्बन्धित समस्याओंसे भी मुक्ति दिलानेका कार्य कर सकता है । केलेमें ‘रेसिस्टेंट स्टार्च’ भी पाया जाता है, जो पेटके लिए लाभप्रद माना जाता है ।



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