जून १०, २०१८
मद्रास उच्च न्यायालयने शनिवारको देर रात सुनवाई करते हुए पूर्व केन्द्रीय वित्त मन्त्री पी.चिदम्बरमके पुत्र कार्ति चिदम्बरमको अग्रिम अधिपत्र (जमानत) दे दिया । कार्तिको ये अग्रिम अधिपत्र उनके विरुद्ध आयकर विभागकी ओरसे विदेशी सम्पत्त की घोषणा नहीं करनेके लिए ‘काला धन अधिनियम’के अन्तर्गत दिए गए अनुज्ञा -पत्रपर (वारण्ट) दी गई है ।
उच्च न्यायालयने आयकर विभागको ये भी आदेश दिया कि कार्तिके विरुद्ध दिए अनुज्ञा -पत्रको (वारण्ट) तब तक स्थगित रखा जाए, जब तक कि वह अपनी विदेश यात्रासे वापस नहीं आ जाता है । कार्ति चिदम्बरमने सम्बन्धित आयकर अधिकारीके सामने २८ जूनसे पूर्व आनेका वचन दिया है ।
आयकर विभागकी ओरसे वारण्ट जारी होनेपर कार्तिके वकील शनिवार देर रात मद्रास उच्चन्यायालयकी न्यायाधीश इन्दिरा बनर्जीके यहां पहुंचे; लेकिन उन्होंने प्रकरणकी सुनवाई कर रहे न्यायाधीशसे ही अग्रिम अधिपत्र (जमानत) मांगनेका निर्देश दिया ! इसके बाद न्यायाधीश एडी जगदीशके यहां कार्ति और आयकर विभागके वकील एकत्रित हुए और सुनवाई शुरू हुई ।
आयकर विभागने तीन बार बुलानेपर भी कार्तिके जांचमें सम्मिलित नहीं होनेके कारण ‘वारण्ट’ जारी होनेकी बात कही । इसपर कार्तिने २८ जूनसे पूर्व आनेका लिखित वचध दिया, जिसके बाद उच्च न्यायालयने उन्हें अग्रिम अधिपत्र (जमानत) दे दिया ।
स्रोत : अमर उजाला
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