रक्तकी कमीमें सहायक : ‘किशमिश’में लौहतत्त्व अधिक मात्रामें पाया जाता है, जो रक्तकी कमीको पूरा करता है; किन्तु गर्भवती महिलाओंके लिए इसका सेवन करते समय ध्यान रखना चाहिए; क्योंकि नमी कम और लौहतत्त्व अधिक होनेसे पचा पाना कठिन हो सकता है, जिससे मलावरोधकी आशंका हो सकती है ।
अर्श ‘बवासीर’के लिए : ‘बवासीर’के रोगियोंके लिए यह रामबाण औषधि है । प्रतिदिन पांचसे दस ‘किशमिश’ चबानेसे गुणकारी प्रभाव होता है, मन स्वच्छता अनुभव करता है ।
अस्थियोंकी सुदृढताके लिए :- अस्थियोंको स्थिर और टिकाऊ बनानेके लिए भी ‘किशमिश’के बहुत लाभ हैं । इसको खानेसे अस्थियां सुदृढ बनती हैं, जिससे घुटनोंमेम वेदनाकी समस्या नहीं होती ।
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