अप्रैल २२, २०१९
उत्तर प्रदेशके प्रयागराजमें एक महिलाने अपने दो घरोंमेंसे जिसमें एक वह स्वयं रहती है तो दूसरा घर, जो एडीए कॉलोनीमें है, उसमें इमरान नामके मुस्लिम व्यक्तिको एक कक्ष तीन सहस्र रुपये प्रति माह किराएपर दे रखा था । लगभग चार माह पूर्व इमरानने अपनी मांका स्वास्थ्य ठीक न होनेका बहाना बताकर पीडिता गृह स्वामिनीसे १.३५ लाख रुपये उधार लिए थे । इधर तीन माहसे वह किराया भी नहीं दे रहा था । जब गृह स्वामिनीने किराया मांगा तो गत २९ मार्चको इमरानने उसे भ्रमणभाष करके कहा कि आकर अपना पैसा ले जाओ । पीडिताका आरोप है कि जब वह घर पर पहुंची तो उसे चाय पीनेके लिए दी गई ।
चाय पीते ही उसे चक्कर आने लगा और वह मूर्च्छित हो गई । जब चेतना आई तो इमरान वहां नहीं दिखा; इसलिए पीडिता घर चली गई । घर पहुंचनेपर उसके और उसके पुत्रके भ्रमणभाषपर एक ‘व्हाट्सएप वीडियो’ सन्देश आया, जिसमें उसका अश्लील वीडियो था ! अचेतावस्थामें इमरान उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो बनाया गया था । तब इमरानने चेतावनी दी कि यदि किराया और उधार मांगा तो ये वीडियो सामाजिक प्रसार माध्यमपर प्रसारित कर दिया जाएगा, तो इसके पश्चात पीडिता मौन रही । पीडिताने बताया कि इसके पश्चात इमरान उसको भयादोहन (ब्लैकमेल) करने लगा; परन्तु जब इमरानकी चेतावनी बढती गई तो अंतमें पीडिता पुलिसकी शरणमें पहुंच गई तथा उसने इमरानके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट कराया । पुलिसका कहना है कि आईटी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओंमें अभियोग प्रविष्ट कर मो. इमरानको बन्दी बना लिया गया है ।
“गृह स्वामिनीने आजके जिहाद रुपी कुकृत्योंको अनदेखा करते हुए धर्मान्धको अपने घरमे शरण दी और धर्मान्धने अपना जिहादी स्वरुप दिखाते हुए यह कुकृत्य किया । क्या ऐसे लोग विश्वासके पात्र हैं ? क्या ये सम्य समाजका अंग बनने योग्य भी हैं ? सामान्य व्यक्ति क्षमा मांगेगा, कोई अधिक उपद्रवी होगा तो झगडा भी करेगा; परन्तु ऐसा कृत्य तो एक अशालीन, भद्दा व्यक्ति ही कर सकता है । हिन्दू समाजको अब इसपर अवश्य विचार कर लेना चाहिए; क्योंकि यह कोई प्रथम प्रकरण नहीं है तो विवेकयुक्त निर्णय और धर्मबलके आधारपर ही इस जिहादको रोका जा सकता है । हिन्दू महिलाएं भी ऐसे घरमें घुसनेवाले जिहादियोंसे सावधान रहें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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