गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्र्यमेव च । आगता सुखसंपत्तिः पुण्याच्च तव दर्शनात् ।। अर्थ : हे प्रभु, आपके दर्शनसे हमारे पूर्व पाप , शोक, दारिद्र्यका नाश हो, सुख-संपत्ति और पुण्यका आगमन हो जाता है, आपको नमन है !
Comments are closed.