कृष्णा स्तुति


 

वासनाद्वासुदेवस्य वासितं भुवनत्रयम् ।
सर्वभूतनिवासोऽसि वासुदेव नमोऽस्तु ते ।।

अर्थ : तीनों लोकोंका अस्तित्त्व या अर्थात इनमें सर्वभूतोंका (सजीव एवं निर्जीव ) वास, हे वसुदेवनन्दन, वासुदेव, तेरे इनमें वासके कारण है  तुझे नमन है !



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