मुझसे एक व्यक्तिने कुछ दिन पूर्व कहा “आप बहुत कडक लिखती हैं, आपसे सब नहीं जुड पाएंगे !” मैंने कहा, “ कोई बात नहीं, अपने दहाडसे शत्रुओंकी भीतर भय निर्माण करनेवाले शेरोंकी टोली बनाने निकली हूं और जिनमें राष्ट्र व धर्मके प्रति प्रेम, निष्ठा एवं क्षात्रवृत्ति होगी वे मुझसे जुडेंगे ही । भीरु प्रवृत्तिके मेमने समान व्यक्ति तो ऐसे भी कोई योग्य नहीं होते; अतः उनकी हमें आवश्यकता नहीं ! – तनुजा ठाकुर
Leave a Reply