लौकी रसकी प्रकृति – लौकीकी प्रकृति शीतल (ठंडी) होती है; इसीलिए इसका सेवन ग्रीष्म ऋतुमें शरीरको शीतल रखनेके लिए उत्तम होता है ।
लौकी रसके सेवनका समय – वैसे तो लौकीके शाककी (सब्जीकी) ही भांति लौकीके रसका सेवन कभी भी कर सकते हैं; परन्तु यदि इसका सेवन प्रातःकाल खाली पेटमें किया जाए तो यह अधिक लाभप्रद होता है ।
लौकीका तेल बनानेकी विधि – तिल अथवा नारियलका तेल २५० ग्राम लें । सवा किलोग्राम लौकी (दूधी) लेकर उसको छोटे-छोटे टुकडोंमें काटकर पीसें और पतले वस्त्रसे छानकर उसका रस निकाल लें । तेलको एक पात्रमें धीमी आंचपर उबालें, जब हल्का उष्ण हो जाए, तब उसमें लौकीका निकाला हुआ रस धीरे-धीरे डाल दें और दोनोंको उबलने दें । जब सारा रस जल जाए, तब तेलको उतारकर ठण्डा होनेके लिए रख दें । ठण्डा होनेपर उसे एक बोतलमें भरकर रख लें । यह तेल बादाम रोगनका (बादामका तेल) अनुज (छोटा भाई) कहलाता है । सप्ताहमें एक-दो बार शरीरपर इस तेलकी मालिश करनेसे अत्यधिक लाभ होते हैं, इसे बालोंपर भी लगाया जा सकता है । संक्षेपमें, इससे स्मरणशक्ति बढती है, मस्तिष्कमें शीतलता रहती है और बल मिलता है ।
आइए, अब लौकी व इसके रससे होनेवाले लाभोंके विषयमें जानते हैं –
* जलकी न्यूनता – लौकीमें जलकी मात्रा सबसे अधिक होती है, जिसके कारण ये शरीरमें जलकी न्यूनताको दूर करनेमें सहायक सिद्ध होती है । कई बार ऋतु परिवर्तनके कारण वमन, अतिसार और ज्वरके कारण शरीरमें जलकी न्यूनता हो जाती है । ऐसेमें नारियल पानी और लौकीका रस मिलाकर पीते रहनेपर जलकी न्यूनता दूर हो जाती है ।
* हृदयको स्वस्थ्य रखनेमें – आजकल लोग अपने भोजनपर ध्यान नहीं देते हैं, जिसके कारण लगभग ७० प्रतिशत लोगोंको हृदय रोगका संकट बना रहता है । कुछ लोगोंमें यह आनुवंशिक रहता है और कुछ लोगोंको उनकी जीवन शैली और अनुचित आहारके कारण होता है । हृदयको स्वस्थ रखनेके लिए अन्य फलों और शाककी भांति लौकीका रस पी सकते हैं । लौकीमें जल, ‘विटामिन-सी, के’ और ‘कैल्शियम’ प्रचुर मात्रामें होता है । यह रक्तवसाके (कोलेस्ट्रॉलके) स्तरको न्यून करके हृदयको स्वस्थ बनाए रखनेमें लाभकारी होता है । इसमें वसाकी मात्रा शून्य होती है तथा ‘विटामिन-सी’ और ऑक्सीकरणरोधी तत्त्वोंसे (एंटी-ऑक्सीडेंटसे) परिपूर्ण लौकी हृदयके लिए लाभप्रद शाक है । एक शोधके अनुसार, ९० दिनोंतक प्रातः खाली पेट २०० मिलीग्राम ताजी लौकीका रस पीनेसे रक्तवसा न्यून हो जाती है । कल हम लौकी व इसके रससे होनेवाले कुछ अन्य लाभोंके विषयमें जानेंगें।
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