ध्यायेत् पद्मासनस्थां विकसितवदनां पद्मपत्रायताक्षीं
हेमाभां पीतवस्त्रां करकलितलसद्धेमपद्मां वराङ्गीम् ।
सर्वालङ्कारयुक्तां सततमभयदां भक्तनम्रां भवानीं
श्रीविद्यां शान्तमूर्तिं सकलसुरनुतां सर्वसम्पत्प्रदात्रीम् ।।
अर्थ : उन देवीका ध्यान करें जो कमलपर विराजित हैं, उनका स्वरूप प्रियदर्शिनी है और वर्ण स्वर्ण समान है, उन्होने पीले रंगके वस्त्र धारण किए हैं, उनके सुंदर नेत्र कमलकी पंखुड़ीकी आकृति समान है । वे सर्व आभूषणोंसे अलंकृत हैं और उनके हस्तमें कमलके पुष्प हैं । ऐसी भक्तोंकी भयहारिणीके सामने हम नम्रतापूर्वक नमन करते हैं । वे शांति और विद्याकी प्रतीक हैं । देवोंद्वारा उनकी स्तुति की जाती है और सभी समृद्धिको प्रदान करनेवाली हैं !
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