Lockdown है आपातकालकी पूर्व सूचना !
साधको, जिसप्रकार आज देशमें lockdown हुआ है या हो रहा है, वह आपातकालकी पूर्व सूचना है एवं यह जनवरी २०२४ तक अनके बार होगा एवं कहीं भी हो सकता है; इसलिए अगले दो-तीन माह हेतु अति आवश्यक राशन अपने घरमें अबसे रखा करें, अपने घरके छत या गमलोंमें तरकारी लगाना सीखें । आजकल इस सम्बन्धमें बहुत सारा ‘विडियो’ अंतर्जालपर उपलब्ध है । ‘बैंक’के पैसोंपर अधिक भरोसा न करें वह कभी ‘भी बिना मूल्यके कागदके टुकडे बन जाएंगे । इसलिए खाने पीनेकी व्यवस्था आपात स्थितिमें कैसे हो सकता है, यह सब सीख कर लें ।
बिजली न रहनेपर नित्य उपयोगका जल कैसे उपलब्ध हो पायेगा, यह भी विचार करके रखें । अर्थात यदि नगरपालिकासे जलकी पाइपलाइन आयी है तो वह भिन्न प्रकारकी आपदाओं जो नैसर्गिक एवं मानव निर्मित दोनों ही हो सकते हैं, उनके कारण बाधित हो सकती है और बिजली न रहने पर ‘मोटर’ नहीं चलेगी । इसका भी ध्यान रखें ।
यह सब ‘कोरोना’ समान कहीं भी होंगे या यूं कहें सर्वत्र होंगे; इसलिए समय रहते पूर्वसिद्धता करें ।
जो भी साधक महानगर या विदेशमें रहते हैं उन्हें छः माह या एक दो वर्षके लिए अपना घर छोडना पड सकता है; इसलिये भारतके सुदूर गांव अर्थात महानगरसे ४० किलोमीटर दूर हो ऐसे स्थानपर अपनी रहनेकी व्यवस्था करके रखें । इस संदेशको गंभीरतासे लें । आजसे एक विपत्ति टलेगी तो दूसरी आ जायेगी इसलिए साधनाको प्रधानता दें | यह सब मैं इसलिए बता रही हूं कि आगे संचार तंत्र भी समय-समयपर एवं स्थान-स्थानपर बाधित रहेगा ।
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