जो सेना अपने प्राणोंको हथेलीपर रखकर इस देशकी रक्षा कर रही है, उसकेद्वारा पाकिस्तानपर किए गए हवाई आक्रमणपर इस देशके कुछ निकृष्ट नेतागण सन्देह व्यक्त कर रहे हैं, इससे ही इस देशकी लोकतान्त्रिक व्यवस्थाने कैसे देशद्रोहियोंका सात दशकोंसे पोषण किया है, यह ज्ञात होता है; इसलिए अब हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है ! ऐसे नेताओंका हिन्दू राष्ट्रमें कोई स्थान ही नहीं होगा अपितु प्रजा सात्त्विक और राष्ट्रभक्त होनेके कारण ऐसे नेताओंका जन्म ही नहीं होगा, यह कहना अधिक उचित होगा !
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