दिसम्बर १६, २०१८
राजस्थानके अलवरमें कथित रूपसे लव-जिहादका प्रकरण सामने आया है । रामगढ पुलिस थाना अन्तर्गत जुगरावरकी रूंधमें रविवार, १६ दिसम्बरको लव-जिहादके प्रकरणको लेकर हुई महापंचायतमें ग्रामीणोंने पुलिस प्रशासनपर लापरवाहीका आरोप लगाते हुए इनके विरुद्ध कार्यवाहीकी मांग की । महापंचायतमें उपस्थित वक्ताओंने पुलिस प्रशासनको बुलाकर बात करनी चाही, परन्तु प्रशासन वहां नहीं पहुंचा तो ग्रामीणोंने रोड जाम कर दिया । ग्रामीणोंने जब रोड जाम किया तो जामको खुलवाने वहां पुलिस आई । लोगोंने पुलिसपर पत्थर फेंकने आरम्भ कर दिए ।
इसके पश्चात पुलिसने लाठीचार्ज करके जाम करने वाले लोगोंको खदेड दिया । इससे क्रोधित ग्रामीणोंने एक मोटरसाइकिलमें आग लगा दी और बस व ट्रॉलेमें तोडफोड कर दी । ट्रकमें आग लगानेका प्रयास किया, परन्तु पुलिसने उसे बचा लिया । वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है ।
बताया जा रहा है कि यह प्रकरण कथित रूपसे लव-जिहादको लेकर था, जिसमें आरोप है कि मुसलमानोंद्वारा हिन्दुओंकी बेटीको भगाकर ले जानेके पश्चात पुलिसने कोई कार्यवाही नहीं की । इस बातको लेकर जुगरावर रूंधमें हिन्दू महासभाकी ओर से महापंचायत की गई थी ।
बताया जा रहा है कि उग्र हुए दोनों पक्षोंके लोगोंने पहले एक-दूसरेपर पथराव किया और तत्पश्चात अलवर-भरतपुर राजमार्गपर जाम लगा दिया ।
रामगढ थाना अधिकारी चौथमल जाखडने बताया कि युवतीके परिजनोंने अरावली विहार थानेमें लडकीके गुम होनेकी प्राथमिकी प्रविष्ट कराई थी ।
समाचारोंके अनुसार, हिन्दू महासभा अपनी पंचायतमें प्रशासनको बुला रहा था । कहा जा रहा है कि प्रशासन महासभामें नहीं पहुंचा । इस बातपर भी लोगोंने विरोध प्रकट किया है ।
“स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासनका रवैया हिन्दुओंके प्रति अत्यन्त उदासीन है, अन्यथा पुलिस महासभाके बुलानेके पश्चात भी क्यों नहीं गई और कार्यवाही क्यों नहीं हुई ? यदि पुलिस इस प्रकरणमें जागरूक होती तो यह प्रकरण इतना बृहद क्यों होता ? पुलिस नागरिकोंकी रक्षा व समाजकी व्यवस्था हेतु होती है, परन्तु आजके इस तमोगुणी कालमें जब पुलिस ही नागरिकोंकी रक्षा नहीं कर पा रही है, ऐसेमें हिन्दुओंको अपनी बेटियोंकी वासनान्ध धर्मान्धोंसे रक्षा हेतु स्वयं ही उठ खडा होना होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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