त्रिपुराके ‘मस्जिद’ सम्बन्धी असत्य समाचारपर जल रहा महाराष्ट्र, कट्टरपन्थी उपद्रवी मुसलमानोंका समूह कर रहा हिंसा
१५ नवम्बर, २०२१
त्रिपुरामें ‘मस्जिद’ जलाने सम्बन्धी असत्य समाचारका विरोध दर्शाने मुसलमान संगठनोंने ‘रैलियों’का आयोजन किया । यह आयोजन नान्देड, मालेगांव, वाशिम व यवतमालमें किया गया । महाराष्ट्रमें १२ नवम्बर २०२१ को बन्द आयोजित किया गया, जिसमें हिन्दुओंकी आपणियोंमें तोडफोड की गई । शुक्रवारको ८००० का जनसमूह जिलाधिकारीको ज्ञापन सौंपने निकला था । लौटते समय इस जनसमूहने कॉटन मार्केट व चित्रा चौकमें अनेक स्थानोंपर हिंसा की । विशेषकर हिन्दुओंपर आक्रमण किए गए । इसके अनेक दृश्यपट सार्वजनिक हुए हैं । एक हिन्दू भोजनालयमें कट्टरपन्थियोंका एक समूह ‘अल्लाहू अकबर’के ‘नारे’ लगाते देखा जा सकता है । ‘पुलिस’ने उपद्रव भडकानेके आरोपमें २० लोगोंको बन्दी बनाया है ।
गृहमन्त्रालयने इस घटनाका संज्ञान लेते हुए, लोगोंको झूठे समाचारोंपर विश्वास न करने और शान्ति बनाए रखनेके लिए कहा है । महाराष्ट्रमें अनेक स्थानोंपर ‘पुलिस’ने निषेधाज्ञा लागूकर लोगोंके घरसे बाहर निकलनेपर बन्दी लगा दी है । मात्र चिकित्सा ‘इमरजेंसी’के लिए ही घरके बाहर निकलनेकी छूट है ।
कुछ कट्टरपन्थियोंने असत्य दृश्यपट साझाकर मुसलमानोंको भडकाया है । ऐसे उपद्रवी कठोर दण्डके अधिकारी हैं । ‘मस्जिद’ जलाने जैसी कोई घटना घटित हुई ही नहीं । ‘पुलिस’ने स्वयं यह सत्य बताया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply