त्रिपुरा हिंसाके नामपर महाराष्ट्रके ३ नगरोंमें मुसलमान जनसमूहका उपद्रव, ‘पुलिस’पर पथराव, अपणियोंमें (दुकानोंमें) तोडफोड, बच्चोंको पीटा
१२ नवम्बर, २०२१
त्रिपुरामें गत दिवसों हुई घटनाके विरोधमें महाराष्ट्रके नांदेड़, अमरावती और मालेगांवमें आज (१२ नवम्बर २०२१) मुसलमान संगठनोंने अत्यधिक विरोध किया । इस मध्य बलात अपणियोंको बन्द करवाया गया और ‘पुलिस’पर भी पथराव हुआ । अब ‘पुलिस’ घटना स्थलपर पहुंचकर घटनाकी जांच कर रही है ।
अमरावतीसे एक दृश्यपट सामने आया है । इस दृश्यपटमें मुसलमान जनसमूहके कुछ लोग चौकपर खडे होकर तिरंगा लेकर उद्घोष कर रहे हैं । ‘सोशल मीडिया’पर घटनाकी दृश्यपट साझा करते हुए, महाराष्ट्र शासनको दोषी ठहराया जा रहा है । दृश्यपटमें स्थानीय बता रहे हैं कि २००-२५० लोग अपणियोंमें घुस आए थे और उनके साथ मारपीट कर रहे थे । चित्रोंमें स्थान-स्थानपर कांच बिखरे टूटे पडे है । लोग भयसे अपणियोंके ‘शटर’ बन्द करके बैठे हैं ।
महाराष्ट्रके गृहमन्त्री दिलीप वालसे पाटिलने कहा, “समूचे राज्यके मुसलमानोंने आज त्रिपुरा में हुई हिंसाके विरोधमें ‘मार्च’ किया । इस मध्य नांदेड़, मालेगांव और अमरावती समेत कई स्थानोंपर आक्रमण किया । मैं प्रत्येक हिन्दू और मुसलमानसे शान्ति स्थापित करनेका निवेदन करता हूं ।”
जिहादी केवल अवसरकी खोजमें होते है । महाराष्ट्रका प्रकरण तो एक प्रकारका उदहारण है । यदि हिन्दू अभी भी संगठित नहीं हुए तो ऐसी घटना समूचे देशमें होनेकी आशंका है; अतः हिन्दुओ ! जिहादी मुक्त हिन्दू राष्ट्र हेतु सतत कार्यरत रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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