‘रजा एकेडमी’के कार्यालयोंपर महाराष्ट्र ‘पुलिस’का छापा, नासिक, नांदेड व अमरावती उपद्रवमें ११९ बन्दी 


१९ नवम्बर, २०२१
              गत दिनों त्रिपुरामें मुसलमानोंके विरुद्ध हुई कथित हिंसाके विरोधमें महाराष्ट्रमें उपद्रव हुए । ‘रजा एकेडमी’के कार्यालयोंपर ‘पुलिस’ने छापेमारी करके अबतक अनेक लोग बन्दी बनाए, जिनपर उपद्रव भडकाने, शासकीय व निजी सम्पत्तियोंको क्षति पहुंचानेका आरोप है । इस कट्टरपन्थी संगठनके नासिक कार्यालयसे ५५ लोग बन्दी बनाए । बुधवार, १७ नवम्बरको ५२ व १८ नवम्बरको ३ आरोपी बन्दी बनाए गए । ‘पुलिस’के अनुसार इस विरोध प्रदर्शनमें ‘अखिल भारतीय सुन्नी जमीयत उलेमा’के लोगभी सम्मिलित थे ।
                   त्रिपुराकी कथित घटनाका भ्रामक प्रचार करनेके आरोपमें ‘एनसीपी’ पार्षद अयाज हलचल पहले ही बन्दी बनाए जा चुके हैं ।
                नांदेडमें उपद्रवके आरोपमें ६७ लोग बन्दी बनाए गए हैं व ३ आरोपी अभी ‘पुलिस’के हाथ नहीं आ सके हैं । वहां उपद्रवमें ८ ‘पुलिस’कर्मी चोटिल हुए थे, १ ‘दर्जन’से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त किए थे । मालेगांवमें ५ से ६ आपणी क्षतिग्रस्त की थीं । सहारा चिकित्सालयके कांच तोडे थे, ३ पुलीसकर्मी चोटिल हुए थे ।
            शरद पवारने महाराष्ट्रके ३ नगरोंमें हुई हिंसाका आरोप ‘भाजपा’पर लगाया है ।
       इन नगरोंमें हुई हिंसाके आरोपमें जितने भी आरोपी बन्दी बनाए गए, सारे कट्टरपन्थी हैं । इन्होंने अशान्ति फैलानेके उद्देश्यसे त्रिपुत्राकी घटनापर असत्य प्रचार किया । ऐसे लोगोंको कठोरतम दण्ड हो, जिससे वे पुनश्च असत्य फैलाने, शान्ति भंग करने जैसे कार्य करनेसे बचें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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