‘लाउडस्पीकर’ प्रकरण अन्तर्गत महाराष्ट्रमें ३ मईकी समय सीमापर दृढ है राज ठाकरे


०२ मई, २०२२
         महाराष्ट्रमें ‘मस्जिदों’से ‘लाउडस्पीकर’ हटवानेके प्रकरणको लेकर पुनः महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनाके (मनसेके) प्रमुख राज ठाकरेद्वारा प्रदेश शासनको चेतावनी दी गई है । तो वहीं दूसरी और उत्तर प्रदेशमें योगी शासनने कार्यवाही करते हुए प्रदेशमें लगभग ५४ सहस्र ‘लाउडस्पीकर’को धार्मिक स्थानोंसे हटवाया है एवं ६० सहस्रसे अधिककी ध्वनि नियन्त्रितकी गई है । समाचारके अनुसार, रविवारको औरंगाबादके सांस्कृतिक मण्डल मंचमें ‘रैली’को सम्बोधित करते हुए ‘मनसे’ प्रमुख राज ठाकरेने स्पष्ट किया कि ईदके पश्चात यदि उनकी मांगपर कार्यवाही नहीं हुई तो वह दुगनी ध्वनिसे हनुमान चालीसा बजाएंगे । उन्होंने कहा कि “ईद तीन मईकी है, मैं किसीके त्योहारमें विघ्न नहीं उत्पन्न करना चाहता; परन्तु अब यह बातें ४ मईके पश्चात नहीं सुनेंगे । यदि हमारी मांग नहीं पूरीकी गई तो हम हनुमान चालीसा बजाएंगे; वह भी दुगनी क्षमताके साथ । यदि आपको हमारे अनुरोध करनेका ढंग स्वीकार नहीं है तो हम अपने ढंगसे निपटेंगे । यदि ‘लाउडस्पीकर’ नहीं हटे न, तब मैं तुमको महाराष्ट्रकी शक्ति दिखलाऊंगा ।” उन्होंने उद्धव ठाकरेको चेतावनी देते हुए कहा कि यह ‘मजहबी’ प्रकरण नहीं; अपितु सामाजिक हैं, शासन इसे ‘मजहबी’ बना रहा है । उन्होंने यह भी कहा कि मुझे मुसलमान पत्रकारने बताया था कि ‘मस्जिद’में ‘लाउडस्पीकर’के कारण उनका पुत्र व्यथित है । उनके अनुसार जब उत्तर प्रदेश शासन इन्हें हटवा सकता है तो महाराष्ट्र शासन क्यों नहीं ? उल्लेखनीय है  कि उत्तर प्रदेश शासनने कठोरतम कार्यवाही करते हुए प्रदेशमें ‘लाउडस्पीकर’की ध्वनि या तो नियन्त्रितकी है या अनेकों स्थानोंपर ‘लाउडस्पीकर’को हटवा दिया है‌ ।
        सत्ताका लोभ किसी राजनेताओंको हिन्दू हितैषीसे हिन्दूद्वेषी कैसे बना सकता है, महाराष्ट्र शासन इसका स्पष्ट उदाहरण है । महाराष्ट्रमें अब चाटुकारिताकी राजनीति चरमपर पहुंच चुकी है, और किसी भी वस्तुका चरम उसका अन्त ही आमन्त्रित करता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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