योगका ज्ञान देने वाले महर्षि पतञ्जलिकी जन्मस्थलीकी किसीको सुध नहीं !


जून २१, २०१८

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवसपर गुरुवार, २१ जूनको पूरा विश्व योगके लिए तैयार है । थल, जल और नभतक योगके लिए तरह-तरहके आयोजन होंगे । योगका बोलबाला हर तरफ दिखेगा; लेकिन साथ ही एक कटु सत्य यह भी है कि विश्वको योगका ज्ञान देने वाले महर्षि पतञ्जलिकी जन्मस्थलीकी सुध लेने वाला कोई नहीं है । अयोध्यासे २२ किलोमीटरकी दूरीपर स्थित कोडर गांवमें महर्षि पतञ्जलिका आश्रम है । यह गांव गोण्डा प्रान्तमें आता है ।
योग सूत्र और महाभाष्यकी रचना करने वाले महर्षि पतञ्जलिका गांव विकाससे खुद ही अछूता है । यहां महर्षि पतञ्जलिके जन्मस्थलकी पहचान इतनी है कि उनके नामपर एक चबूतरा बना ही दृष्टिगोचर होता है । यह भी श्री पतञ्जलि जन्म भूमि न्या के अध्यक्ष डॉ भगवदाचार्यके प्रयाससे ही बन सका । पास ही बहने वाली कोडर झील नौ किलोमीटरके क्षेत्र में फैली है; लेकिन यह भी अपने उद्धारकी प्रतिक्षा कर रही है ।

स्रोत : आज तक



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