जिस धर्मान्ध अनवरको अपना बच्चा मानती थी, उसीने किया फैशन डिजाइनर मालाकी हत्या !


नवम्बर १७, २०१८

उसने अपनी बहनके साथ लंबी वार्ताको यह कहते हुए विराम दिया कि वह ”बिग बॉस देखनेके पश्चात पुनः चलभाष करेगी, लेकिन यह कभी हो नहीं पाया । लगभग एक घंटे पश्चात फैशन डिजाइनर माला लखानीकी कथित रूपसे उनके ही दर्जीद्वारा हत्या कर दी गई, जिसे उन्होंने कारावाससे निकलवानेमें सहायता की थी । यह बात मालाकी बहन आरती शर्माने शुक्रवार, १६ नवम्बरको कही ।

आरतीने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, ”मेरी रात्रि लगभग सवा आठ बजे (बुधवार, १४ नवम्बरको) उससे बात हुई । इसके पश्चात मैंने पुनः बात की और रात्रि नौ बजकर ५० मिनटपर हमनें बात समाप्त की । वह मेरी पुत्रीसे बात करना चाहती थी, लेकिन बादमें कहा कि वह ‘बिग बॉस समाप्त होनेके पश्चात हमें चलभाष करेगी, लेकिन उसका चलभाष नहीं आया ।

हत्याओंके सम्बन्धमें मालाके दर्जी राहुल अनवर, उसका भाई रहमत और उसका मित्र वसीमको बन्दी बनाया गया है । आरतीने कहा कि मालाने ही अनवरको कारावाससे निकलवानेमें सहायता की थी, जब वह छेडछाडके आरोपमें बन्दी बनाया गया था ।

पुलिसने कहा कि अनवरको २०१७ में कथित रूपसे रंगपुरी पहाडी क्षेत्रमें एक नाबालिगसे छेडछाडके प्रकरणमें बन्दी बनाया गया था । आरतीने कहा, ”वह सदैव कहती थी कि अनवर मेरे बच्चे जैसा है !”

बडी बहन आरतीने कहा कि पीडिताका घरेलू सहायक बहादुर हमेशा उससे कहता था कि हम साथ मरेंगे ! उल्लेखनीय है कि मालाके साथ उसके घरेलू सहायककी भी हत्या कर दी गई है ।

परिवारके सदस्योंने बताया कि मालाकी योजना मिट्टीके बर्तन बनानेकी कला सीखने और गोवामें एक विला क्रय करने की थी . उन्होंने कहा कि बहादुरके शब्द अब लगभग भविष्यवाणी प्रतीत हो रही है । बहादुर, मालाको अपनी बहनकी भांति मानता था ।

 

“धर्मशिक्षण व धर्माभिमानके अभावमें, तथाकथित धर्मनिरपेक्षतामें अन्धे हुए आजके हिन्दू सदैव मात खाते है । अनेकानेक प्रकरण होनेके पश्चात भी शिक्षा नहीं लेते हैं और यहां तो एक अपराधीको बालककी भांति मानकर रखना मूर्खतापूर्ण निर्णय ही था ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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