छात्राओंको ‘हिजाब’में विद्यालय जानेसे रोकना भयावह है, मलाला युसूफजई


९ फरवरी, २०२२
         कर्नाटकमें ‘हिजाब’ विवादको लेकर पाकिस्तानकी सामाजिक कार्यकर्ता और ‘नोबेल’ शान्ति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजईने अपनी प्रतिक्रिया दी है । मलालाने कहा, “हिजाब पहने हुई छात्राओंको विद्यालयोंमें प्रवेश देनेसे रोकना भयावह है । न्यून अथवा अधिक वस्त्र पहननेके लिए महिलाओंका वस्तुकरण किया जाता है । भारतीय नेताओंको मुसलमान महिलाओंको अधिकारहीन होनेसे रोकना चाहिए ।”
         मलाला युसूफजईद्वारा इस प्रकरणपर दिए वक्तव्यपर कर्नाटकके भाजपा दलके नेता सीटी रविने कहा, “यह ‘मुल्ला’ (मलाला युसूफजई) भारतके आन्तरिक प्रकरणमें बोलनेवाली होती कौन है ? क्या उसे अपने ‘बुर्के’के पीछे नहीं छुप जाना चाहिए ?”
      मलालाको उसके पन्थकी ‘हलाला’ और ‘तीन तलाक’ जैसी समस्याएं दिखाई नहीं देती । विद्यालयमें ‘हिजाब’का पक्ष लेनेवाली ‘पाकिस्तानी’ मलालाको कदाचित पाकिस्तानद्वारा भारतमें होनेवाली आतङ्कवादी गतिविधियां और धर्मान्धोंद्वारा हिन्दू महिलाओंका जीवन नरक बनानेवाली ‘लव जिहाद’की घटनाएं भी उचित लगती होंगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


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