मलप्पुरममें एक मुसलमानकी मृत्युके कारण हिन्दुओंने मन्दिरका धार्मिक उत्सव रोक दिया !
१७ फरवरी, २०२२
बीरंचिरा ग्राममें चेराटिल हैदर, इस ७२ वर्षीय मुसलमानकी मृत्यु होनेके पश्चात उस समय निकटके पुन्नस्सेरी भगवती मन्दिरमें चल रहा वार्षिक धार्मिक उत्सव रोका गया । मन्दिर समितिकी ओरसे यह निर्णय लिया गया । इसका वृत्त ‘इंडियन एक्सप्रेस’में प्रकाशित करते हुए हिन्दुओंके कथित सर्वधर्मसमभावकी प्रशंसा की गई है । समितिके उपाध्यक्ष एम.वी. वासुने बताया कि हैदर हिन्दुओंके निकटवर्ती (नजदीकी) थे और मन्दिरके सामने ही रहते थे । पंचायत सदस्य पी.मुस्तफाने कहा कि मन्दिरके निर्णयकी प्रशंसाकी जा रही है । हैदरके अन्तिम संस्कारमें मन्दिर समितिके पदाधिकारी और अन्य हिन्दू सहभागी हुए थे ।
ऐसा प्रेम अन्य धर्मीय हिन्दुओंके सम्बन्धमें क्यों नहीं दिखाते, यह मुस्तफाको बताना चाहिए ! हिन्दुओंका सर्वधर्मसमभाव यह सदैवसे ही ‘एकपक्षीय’ रहा है । यह कथित सर्वधर्मसमभाव हिन्दुओंका आत्मघात करते हुए भी हिन्दू इससे बोध नहीं लेते, यह उनकी कर्म दरिद्रता है ! हिन्दुओंका धार्मिक ‘जुलूस’ ‘मस्जिद’के निकट ले जानेपर देशभरमें अनेक स्थानोंपर सदैवसे ही धर्मान्धोेंकी ओरसे विरोध किया जाता है । ‘जुलूस’पर आक्रमण किए जाते हैं । वहांसे ‘जुलूस’ न निकले; इसलिए ‘पुलिस’ भी हिन्दुओंपर दबाव डालती रहती है, यह परिस्थिति कभी भी प्रसार माध्यम नहीं बताते, यह ध्यानमें लें ! सर्वसमाजके व्यक्तियोंको हिन्दुओंकी सर्वसमावेशी व पारदर्शी रूपी सात्त्विक गुणोंका अनुसरण करना चाहिए; किन्तु हिन्दू समाजकी अतिसहनशील वृत्तिका अनुचित लाभ अहिन्दू पन्थ सदैवसे ही उठाते आए हैं; अतः हिन्दू समाज इतिहाससे सीख ले ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
Leave a Reply