सितम्बर २६, २०१८
आपने जन्मदिवसके प्रीतिभोज आश्रयस्थलों, जलपानगृह आदिमें होती हुई देखी होगी, क्या आपने कभी सुना या देखा है कि किसी व्यक्तिने श्मशान घाटमें दी हो ! ऐसा प्रकरण महाराष्ट्रके औरंगाबादमें सामने आया है । महाराष्ट्र ‘अन्धश्रद्धा निर्मूलन समिति’की (एमएएनएस) संस्थाके पदाधिकारीने पुत्रका जन्मदिवस भोज श्मशानमें आयोजित किया ! परभणी जिलाध्यक्षद्वारा अपने पुत्रके जन्मदिवसके भोजका आयोजन जिन्तुरके श्मशानमें किया । जन्मदिवसकी इस विचित्र भोजमें लोगोंको मांस परोसा गया ! प्रकरण सामने आनेके पश्चात अन्धश्रद्धा निर्मूलन समितिने इस घटनासे स्वयंको भिन्न करते हुए विरोध किया है ।
‘महाराष्ट्र अन्धश्रद्धा निर्मूलन समिति’के कार्यकारी अध्यक्ष अविनाश पाटिलने कहा कि, इस आयोजनसे समितिका कोई लेना-देना नहीं है । इस प्रकारका कार्य अति उत्साहमें किया गया है । संगठन अन्धविश्वासके विरुद्ध कार्य करती है । श्मशानमें किया गया इस प्रकारका आयोजन समितिके आदर्शोंके विरुद्ध है । प्रकरण १९ सितम्बरका बताया जा रहा है । परभणीके समिति जिलाध्यक्ष पन्धारीनाथ शिंदेने अपने पुत्रके प्रीतिभोजका आयोजन श्मशान घाटमें किया । इसमें कई लोग सम्मिलित हुए !
‘टीओआई’में छपे समाचारके अनुसार, प्रकरण उस समय सामने आया, जब कुछ पत्रकार इस कार्यक्रममें भाग लेने पहुंचे थे । आयोजनसे पहले लोगोंने पूरे श्मशानमें गो-मूत्रका छिडकाव किया गया । इसके पश्चात मन्त्रोच्चारण कर श्मशानको पवित्र किया गया । पन्धारीनाथने दावा किया है कि उन्होंने श्मशानमें भोजका आयोजन करनेके लिए स्थानीय प्रशासकों और पुलिसकी अनुमति ली थी । यह श्मशानमें मनानेके पीछे उनका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि लोगोंको यह बताया जा सके कि श्मशानमें कोई आत्माएं नहीं रहती हैं ।
“अन्ध श्रद्धा निर्मूलन समिति, जिनका श्रद्धासे कोई लेना-देना नहीं है, धर्म, शास्त्रसे दूर-दूरतक कोई सरोकार नहीं, वे निर्लज्ज होकर अब लोगोंको आत्मा और शमशानका रहस्य बताएंगे ! इन्हें ईश्वरीय व्यवस्थाके अनुसार दण्ड तो मिलेगा ही, सर्वप्रथम शासन इन विधर्मियोंपर त्वरित कार्यवाही करें और सर्वहिन्दू संगठन इनका पुरजोर विरोध करें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : वन इण्डिया
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