‘मौलवी’ने ‘झाड-फूंक’की आडमें १५ वर्षकी लडकीसे किया दुष्कर्म, किसीको कुछ नहीं बतानेकी दी धमकी, उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने ‘दबोचा’


१८ अगस्त, २०२२
      उत्तर प्रदेशकी राजधानी लखनऊसे अवयस्क लडकीसे दुष्कर्म करनेके प्रकरणमें एक ‘मौलवी’को बन्दी बनाया गया है । ‘मौलवी’का नाम फखरे आलम बताया जा रहा है ।
      लखनऊके मोहनलालगंज ‘थाना’ क्षेत्रके अन्तर्गत कनकहा गांवमें ‘मौलवी’ एक भाडेके कक्षमें ‘झाड-फूंक’ करता था । ‘मौलाना’ फखरे आलमने १५ वर्षीय लडकीके साथ ‘झाड-फूंक’की आडमें कथित रूपसे उसका दुष्कर्म किया और उसे इस बारेमें किसीको कुछ न बतानेकी भी धमकी दी ।
      ‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, लडकी ‘मौलवी’के ‘धमकाने’के पश्चात भी भयभीत नहीं हुई । उसने घर पहुंचते ही अपनी मांको घटनाके बारेमें बताया; परन्तु मांने अपयशके भयसे किसीको भी ये बात नहीं बताई । जब युवतीके पिता स्वाधीनता दिवसके अवसरपर मुंबईसे अपने घर आए थे, तब उसने उन्हें ‘मौलाना’की ‘काली करतूततों’के बारेमें बताया । इसके पश्चात पिताने मोहनलालगंज ‘थाने’में परिवाद प्रविष्ट करवाया । परिवादके आधारपर ‘पुलिस’ने ‘मौलाना’ फखरे आलमके विरुद्ध ‘आईपीसी’की धारा ३७६ और ‘पोक्सो एक्ट’के अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया है ।
      विचारणीय है कि गत माह अर्थात २८ जुलाईको संभल जनपदके एक ‘मस्जिद’में ६ वर्षकी बच्चीसे दुष्कर्म करनेका प्रकरण उजागर हुआ था । बच्चीसे दुष्कर्म करनेके आरोपमें ‘पुलिस’ने एक ‘मौलाना’को बन्दी बनाया था ।
      ‘मस्जिद’को ‘इबादत’का स्थान बतानेवाला ये इस्लाम पन्थ, केवल दुष्कर्मियोंका ही पालन-पोषण करता आया है । योगी शासन तत्काल प्रभावसे ‘मदरसों’को राज्यसे प्रतिबन्धित करे; क्योंकि दुष्कर्म होनेके पश्चात आरोपीको पकडनेसे ये प्रकरण न्यून होनेवाले नहीं है । – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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