जनवरी २८, २०१९
उत्तरप्रदेशके मेरठ नगरके पचपेडा गांवमें दुल्हनपर अशोभनीय टिप्पणी करनेके विरोधमें मुसलमानोंकी भीडने दूल्हा-दुल्हन और बारातियोंपर आक्रमण कर दिया । आरोप है कि भीडने दुल्हनके आभूषण और नकदी लूट ली और आधा दर्जन वाहनोंमें तोडफोड कर दी । इतना ही नहीं, बारातियोंको दौडा दौडाकर पीटा ! वहीं घटनाके पश्चात क्षेत्रमें साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया ।
पुलिसने इसमें सात मुसलमानोंके विरुद्घ बलवा, डकैती और अन्य धाराओंमें अभियोग प्रविष्टकर छह आरोपियोंको बन्दी बनाया गया । पुलिसके अनुसार बागपतके दोघट थाना क्षेत्रके मोजाबाद नागल निवासी ललित शर्मा पुत्र ब्रजपालका विवाह किला परीक्षितगढ क्षेत्रके अल्लीपुर आलमपुर निवासी योगेन्द्रकी पुत्री मानसीके साथ निर्धारित हुआ था । रविवार, २७ जनवरी संध्यामें बारात बागपतके लिए विदा हुई थी । जैसे ही भावनपुर क्षेत्रके पचपेडा गांवमें पहुंची तो एकाएक दुल्हनका स्वास्थ्य बिगडनेपर दुल्हनके वाहनको गांवमें ही एक मुसलमान व्यक्तिकी दुकानके सामने रोक दिया गया । बताया गया कि यहां दुल्हनको वमन होनेपर दूसरे समुदायके युवकोंने दुल्हनपर अशोभनीय टिप्प्णी की । विरोध करनेपर कुछ युवक अभद्रतापर उतर आए और दुल्हनके सजी हुए वाहनके पुष्प तोड डाले । दूल्हा और वाहनमें सवार अन्य लोगोंसे अपशब्द कह मारपीट आरम्भ कर दी ।
इस मध्य बारातियोंके चार अन्य वाहन वहां पहुंचीं तो आरोप है कि मुस्लिम युवकोंने शोर करते हुए भीडको बुला लिया, जिसके पश्चात ६०-७० लोगोंकी भीडने लाठी-डंडे लेकर वाहनोंपर प्रहार कर दिया । दुल्हनके आभूषण और कुंडल भी लूट लिए ! इस मध्य दुल्हनके एक कानसे रक्त निकलने लगा ।
उधर, भाजपा नेता और जिपं सदस्य रोहताश पहलवानके अतिरिक्त भाजपा नेताओं और समर्थकोंने एडीएम प्रशासन और एसपी क्राइमका घेरावकर नारेबाजी कर दी । भाजपाइयोंकी पुलिस अधिकारियोंसे नोकझोंक हो गई । पुलिसके अनुसार दुल्हन सहित सात लोगोंको चिकित्सिय परीक्षणके लिए चिकित्सालय भेजा गया है । पुलिस अधिकारियोंके अनुसार दुल्हनके भाई गौरव शर्माकी परिवादपर शादाब, शाहबाज, बहादुर, इमरान, कामरान, नदीम, यूसुफ सहित ६० लोगोंपर अभियोग प्रविष्टकर छह लोगोंको बन्दी बना लिया है ।
“दुल्हनके वाहनको एक मुसलमानकी दुकानपर रोका गया वो भी रात्रिमें, अर्थात बाराती धर्मनिरपेक्ष थे और उत्तरप्रदेशमें जहां न प्रशासन और न पुलिस धर्मान्धोंमें भय उत्पन्न करनेमें असफल है, वहां नागरिकोंने ही फूंक-फूंककर चलना चाहिए । उत्तरप्रदेशमें अनेकों क्षेत्र इतने असंवेदनशील बन चुके हैं कि हिन्दू दिनमें भी भयभीत होते हैं और इन धर्मनिरपेक्ष बारातियोंने रात्रिमें ही वाहन रोक दिया । उत्तरप्रदेशमें धर्मान्धोंका साहस इतना बढ चुका है कि वे दिन दहाडे हिन्दू विरोधी कृत्य करते हैं, विष उगलते हैं और यहां स्वयंकी चूक होनेपर भी बारातियोंको दौडा-दौडाकर पीटा । अब इसकी समीक्षा हिन्दू स्वयं करें कि वे कितने सुरक्षित है और स्वरक्षणके लिए कोई उपाय योजना है क्या ?; क्योंकि एक बाराती भी स्वरक्षण अथवा दुल्हनका रक्षण नहीं कर पाया !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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