हैदरपोरामें मारे गए आतङ्कवादियोंके लिए पुनः उमडा महबूबा मुफ्तीका प्रेम, सेनाद्वारा ‘एनकाउंटर’पर उठाए प्रश्न
१६ नवम्बर, २०२१
जम्मू-काश्मीरमें ‘पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी’की (पीडीपीकी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्तीने पुनः आतङ्कियोंके बचावमें कुतर्कोंका आश्रय लिया है । महबूबाने श्रीनगरके हैदरपोरा क्षेत्रमें सुरक्षाबलोंद्वारा आतङ्कियों तथा दो स्थानीय लोगोंके मारे जानेपर महबूबाने चिन्ता व्यक्त की है । उन्होंने कहा, “हैदरपोरा मुठभेडमें स्थानीय लोग (मालिक और एक डॉक्टर) मारे गए हैं । इस प्रकारसे लोगोंको ‘एनकाउंटर’में ‘शील्ड’ बनाकर ले जाना अनुचित है । जम्मू-काश्मीरके लोगोंके जो मन हैं, वे हमसे और दूर होते जा रहे हैं, लोगोंको अधिक क्रोध आ रहा है, जिससे स्थिति सुधरनेके स्थानपर बिगड रही है ।” चिनार कोरके ‘जीओसी’ लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पाण्डेने कहा, “पुलिसके अनुसार, श्रीनगरके हैदरपोरामें सोमवारको हुई एक मुठभेडके मध्य आतङ्कियोंकी गोलीसे एक चिकित्सक मारा गया था । ऐसे लोगोंको, शासकीय आतङ्कियोंद्वारा चलाई जा रही गतिविधियोंसे सर्तक रहना चाहिए ।” कश्मीर ‘पुलिस’ने अवैध ‘कॉल सेंटर’में छुपे हुए आतङ्कियोंको घेर लिया था, जिसमें एक पाकिस्तानी आतङ्कवादी और उसके स्थानीय सहयोगी सहित चार लोग मारे गए । मृतकोंमें भवनका स्वामी और एक चिकित्सक भी था, जिन्हें ‘पुलिस’ने आतङ्कीका सहयोगी बताया है । जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीका इससे पूर्व भी, देशकी सेनाके विरुद्ध विवादित वक्तव्य सामने आ चुका है । विगत माह एक चित्रपटमें (वीडियोमें) महबूबाने कहा था, “ये कैसा ‘सिस्टम’ है इनका । कोई हमारे देशकी गोलीसे मरे तो ठीक; किन्तु आतङ्कीकी गोलीसे मरे तो अनुचित कैसे ?”
जिहादियोंका प्रेम, जिहादियोंके प्रति ही उमडना स्वभाविक ही है । मुख्यमन्त्री जैसे पदपर रहनेवाले नेताओंके हृदयमें, देशके प्रति नकारात्मकता, उनके जिहादका अङ्ग दर्शाता है । ऐसे जिहादियोंको बाहर नहीं; अपितु कारावासमें होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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