जून १४, २०१८
लखनऊ: महाराणा प्रतापकी जन्मतिथिके अवसरपर आयोजित एक कार्यक्रममें मुख्यमन्त्री योगीने भाग लिया । इस कार्यक्रममें योगीने ‘अवध प्रहरी पत्रिका’के ‘शौर्य विशेषांक’का विमोचन किया । अपने सम्बोधनमें महाराणा प्रतापके व्यक्तित्वकी बहुत प्रशंसा की । योगीने कहा कि महाराण प्रताप देशके सच्चे सपूत थे । उन्होंने कभी भी अकबरके सामने सिर नहीं झुकाया । हम सभीको उनके जीवनसे शिक्षा लेनी चाहिए । उनका जीवन देशके लिए प्रेरणा है । अपने सम्बोधनके समय योगीने आश्वस्त किया कि जब कभी देश और धर्मकी बात होगी तो वे वहां खडे रहेंगे !
योगीने कहा कि लोग अकबरको महान बोलते हैं; लेकिन वास्तवमें महाराण प्रताप महान थे ! महाराणा प्रतापने सभी प्रकारके लालचोंके बाद भी अकबरको बादशाह माननेसे मना कर दिया था ! आजके समयमें महाराणा प्रतापका सन्देश स्वधर्म और स्वाभिमान पूरे देशके लिए प्रेरणा हो सकती है । शतकों वर्ष पूर्व महाराणा प्रतापने जो बातें कही थी, वो आज हमारे लिए प्रेरणाकी स्रोत हैं ।
हिन्दी पत्र, पत्रिकाओंमें स्वदेश और स्वाभिमान हो, ये स्वतन्त्रताके बादसे मांग रही है । हमें नहीं भूलना चाहिए कि जो समाज अपने भूतकालसे भटक गया है, उसका आने वाला कल कभी अच्छा नहीं हो सकता है । यदि समाजको विकसित बनाना है तो हमें अपने भूतकालके प्रेरकोंको अपने सामने रखना पडेगा, महाराणा प्रताप उनमेंसे ही एक उदाहरण हैं ।
१९९९ में बोडो अलगाववादियोंने आत्मसमर्पण करके पाकिस्तानसे युद्धके लिए भेजनेकी मांगकी थी; यद्यपि हमारी सेनाने बहादुरीसे १९९९ में कारगिलमें पाकिस्तानको पराजित किया था । समाजको बांटनेके पीछे कारण है कि हमारी शक्ति न्यून हो ! जिन्हें आज दलित, पिछडा कहा जाता है, उन्होंने देशके लिए कई युद्ध लडे हैं ! ये महाराणा प्रतापकी शक्ति थे । इन्होंने युद्धमें शिवाजीका भी साथ दिया था ।
स्रोत : जी न्यूज
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