ईदपर नवीन वस्त्रों व पकवानका चित्र साझा करनेवाली ‘आरजे’ सायमाने हिन्दू पर्वका किया उपहास  


१ नवम्बर, २०२१
             देशमें हिन्दुओंके पवित्र पर्वोत्सवका उपहास करना अब सामाजिक जालस्थलपर सामान्यसे बात हो गई है । दीपावलीका पर्व समीप है ऐसेमें वामपन्थियोंद्वारा हिन्दू धर्मकी परम्पराओंका उपहास करने व उनके विरुद्ध विषवमन करनेका कार्य भी आरम्भ हो गया । अब इसी शृंखलामें ‘रेडियो’ मिर्चीकी ‘आरजे’ सायमाने ‘ट्विटर’ कर मिठाईके डिब्बेमें आलू, प्याज, मिर्च व लहसुनको दिखाते हुए, हिन्दुओंके पर्वका उपहास उडानेका प्रयास किया गया । चित्रको साझा करते हुए उन्होंने शुभ दीपावली भी कहा । वहीं ईदके पर्वपर उक्त महिलाने नवीन वस्त्रों व पकवानोंका छायाचित्र साझा किया था । उनके इस चित्रके साझा करनेके पश्चात वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तवने कहा कि यह ‘रेडियो’ मिर्चीकी ‘जॉकी’ सायमा हिन्दुओंसे इतनी घृणा क्यों करती है ?  प्रत्येक हिन्दू पर्वपर यह इसी प्रकार ‘जहरीले ट्वीट’ करती है । वहीं एक ‘यूजर’ दिनेश ठाकुरने सायमाको लक्ष्य करते हुए कहा कि परम्पराओंके अपमान करनेकी स्वतन्त्रता, उन्हें भारतमें ही मिल सकती है । उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकारकी मूर्खता भरे कृत्य, वह मुसलमान देशोंमें जाकर करनेके विषयमें वह सोच भी नहीं सकती । अनेक धर्मप्रेमियोंद्वारा इस ‘ट्वीट’के विरुद्ध सायमाको उचित उत्तर दिया गया व लोगोंने उनके ,’रेडियो चैनल’के बहिष्कार करनेकी भी बात कही ।
      विचारोंकी स्वतन्त्रताके नामपर अन्योंके धर्मका उपहास करना, क्या यह एक नैतिक कृत्य है ? भारतमें ऐसा कार्य करनेवाले मूर्ख लोगोंकी संख्यामें अब दिनों दिन वृद्धि हो रही है । इनपर नियन्त्रण लगाने हेतु  धर्मप्रेमियोंद्वारा इन्हें उचित उत्तर देना अब अपरिहार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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