मार्च २७, २०१९
उत्तर प्रदेशके बरेलीके एक गांवकी युवतीके भ्रमणभाषपर दो वर्ष पूर्व एक ‘मिस कॉल’ आई, जिसपर उसने चलभाष किया तो किसी युवकने उठाया । किशोरीने अनुचित चलभाष क्रमांक होनेकी बात कह फोन काट दिया । इसके पश्चात युवक उसे प्रायः चलभाष करने लगा और धीरे-धीरे उन दोनोंके मध्य बातें होने लगी । इस मध्य युवकने किशोरीको अपना नाम अजय बताते हुए स्वयंको सेनामें तैनात बताया ! बादमें उसने उसे विवाहका झांसा देकर उपमण्डलमें अपने एक मित्रके घर बुला दुराचार किया, किशोरीने विवाहकी जिद की तो वह उसे अपने घर ले गया ।
इसके बाद उसे ज्ञात हुआ कि उसका प्रेमी मुसलमान है । आरोप है कि इसी मध्य आरोपीके परिजनोंने उसे प्रतिबंधित पशुका मांस भी खिला दिया ! उसको घर आनेमें देर होते देख उसकी बहनने उसे फोन किया तो आरोपीने फोन उठाकर उससे कह दिया कि हमने तुम्हारी बहनका धर्म परिवर्तन करा दिया है । अब हम उससे विवाह करेंगे, जिस पर उसकी बहनने पुलिसको चलभाषकर इसकी सूचना दी तो पुलिस उसे आरोपीके घरसे लेकर आई । पुलिसने कहा है कि प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है तथा आरोपीके विरुद्घ सुसंगत धाराओंमें कार्यवाई की जा रही है ।
“एक ओर जिहादके प्रकरणने एक और हिन्दू युवतीका थीवन नष्टप्राय कर दिया, जिसमें युवतीकी भी चूक है; परन्तु धर्मान्ध अपने जिहादमें सफल हुआ कि उसने एक और काफिरका जीवन नष्ट कर दिया; परन्तु दुःखद है कि आजकी संस्कार युवतियां ऐसे कृत्यकर अपना जीवन नष्ट कर ही रही हैं और साथमें धर्मान्धोंका साहस बढा रही हैं ! माता-पिता न ही स्वयं साधना करते हैं और न ही अपने बालकोंसे करवाते हैं, जिसका परिणाम यह होता है कि संस्कारहीनता निर्मित होती है और वही संस्कारहीनता ऐसे ही जिहादके प्रकरण बनकर उन्हें ही कष्ट देती है; अतः सभी हिन्दू साधनाको प्राथमिकता दें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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