दिसम्बर १४, २०१८
देशमें हुए पांच राज्योंमें विधानसभा मतदानके पश्चात मिजोरममें भी ‘मिजो नेशनल फ्रंट’ने अपना शासन स्थापित किया है । जानकारीके अनुसार मिजोरममें बहुमत पाने वाला दल शुक्रवार, १४ दिसम्बरको शपथ ग्रहण करनेके साथ ही सत्तामें आया ।
इसमें मुख्य बात यह है कि राज्यमें प्रथम बार ईसाई रीति-रिवाजोंके साथ नूतन शासनका शपथ ग्रहण समारोह होगा !! इसके साथ ही बता दें कि मिजोरम एक ईसाई बहुल राज्य है, जिसकी ९७% जनता धर्मान्तरित होकर ईसाई बन गई है । वहीं ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’के एक समाचारके अनुसार, मिजो नेशनल फ्रंटके नेता लालरुतकिमाका कहना है कि शपथ ग्रहण समारोहमें राष्ट्रगानके पश्चात बाइबलकी आयतें पढी जाएंगी और धार्मिक भजन गाए जाएंगे !! हम ऐसा प्रथम बार करने जा रहे हैं । वहीं बता दें कि मिजो नेशनल फ्रंटका सम्बन्ध राज्यके गिरिजाघरोंसे काफी सशक्त है !
“यह भारतके लिए संकटकी सूचना है ! यदि हिन्दू अभी भी नहीं जागे तो हिन्दू धर्मका संरक्षण विकट हो जाएगा । धूर्त ईसाई मिशनरियोंके मकडजालमें फंसकर पूर्वी भारतके अधिकतर हिन्दू धर्मान्तरित हो चूके हैं, जिसमें मिजोरम सदृश १००% ईसाई राज्य है !! सत्ताधारी दलसे हिन्दुओंको अपेक्षा है कि वे मिशनरियोंको देशके बाहरसे मिलने वाले अवैध धनपर प्रतिबन्ध लगाए व इनके मकड जालको समाप्त करें, परन्तु इसपर पूर्ण रूपसे न की गई कार्यवाही शंका उत्पन्न अवश्य करती है; अतः यह हिन्दुओंंके लिए अब जागनेका समय है और धर्मनिरपेक्षवादियोंके लिए सीख है !”
स्रोत : जनसत्ता
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