मोनिशने मनीष बनकर हिन्दू छात्राको फंसाया, बलात धर्मान्तरण एवं विवाह पश्चात बन्दी बनाया, ‘पुलिस’में परिवादपर किया अश्लील दृश्यपट सार्वजनिक
०९ दिसम्बर, २०२१
उत्तर प्रदेशमें प्रशासनकी कठोरताके उपरान्त ‘लव-जिहाद’के प्रकरण रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। नूतन प्रकरण अमरोहा जनपदका है, जहां मांसका कार्य करनेवाले मोनिश कुरैशीने मनीष कुमार नाम बताकर ‘एमए’की एक छात्राको अपने झांसेमें ले लिया । उसके पश्चात पीडिताका बलात धर्म परिवर्तन कराकर न केवल विवाह किया; अपितु उसका सतत यौन शोषण करता रहा और अश्लील दृश्यपट भी बनता रहा । पीडिताने जब आत्महत्याका प्रयास किया तो आरोपीने उसे इस वचनके साथ बन्दीसे मुक्त किया कि वह ‘पुलिस’में परिवाद प्रविष्ट किया तो उसका अश्लील दृश्यपट सार्वजनिक कर देगा । कुछ समयके पश्चात आरोपी उसे दूरभाषकर अपने पास आनेके लिए विवश करने लगा । तंग आकर पीडिताने ‘पुलिस’में परिवाद प्रविष्ट किया ।
पीडिता अमरोहाके सैदन गलीके एक उपक्षेत्रकी रहनेवाली है । उसने बताया कि जब वह उझारी ‘कस्बा’में ’बीए’की पढाई कर रही थी, उस मध्य उसी ‘कस्बे’का आरोपित उसका पीछा करता था । एक दिन उसने छात्राके सामने अपना नाम मनीष कुमार बताते हुए प्रेम प्रस्ताव रखा । छात्राने बताया कि उसे नहीं पता था कि वह मुसलमान है और उसका वास्तविक नाम मोनिश है । अपने प्रेम-जालमें फंसा लेनेके पश्चात मोनिश अक्टूबर २०२० में छात्राको भगाकर औरेयाके दलेल नगर गांव स्थित अपने एक सम्बन्धीके यहां ले गया ।
छात्राका आरोप है कि दलेल गंज गांवकी ग्राम-प्रधान नूरी खानने उसे अपने घर ठहराया । उसी मध्य उसे पता चला कि आरोपितका नाम मोनिश कुरैशी है और वह मुसलमान है । वहां नूरीके पति इकबाल खान और वहां पहलेसे ही उपस्थित मोनिशकी तीन बहनों और बहनोईने उसपर धर्म-परिवर्तनके लिए दबाव डाला । आरोपियोंने धर्म-परिवर्तनकर विवाह नहीं करनेपर हत्या करनेकी धमकी दी । उसके पश्चात गांवके ही ‘मौलवी’को बुलाकर उसका धर्म-परिवर्तन करवा दिया गया और उसका नाम गुडिया रख दिया गया ।
पीडिताका कहना है कि धर्म-परिवर्तन करानेके पश्चात मोनिश उससे बलात विवाह कर लिया और उसके साथ यौन उत्पीडन करने लगा । इस मध्य वह पीडिताका अश्लील दृश्यपट भी बनाता था । प्रताडनासे तंग आकर पीडिताने भागनेका प्रयास किया; किन्तु वह सफल नहीं हो सकी । उसके उपरान्त मोनिशने धमकी दी कि यदि उसने भागनेका प्रयास किया तो उसका अश्लील दृश्यपट वह सार्वजनिक कर देगा और उसके घरवालोंको मार देगा ।
जिहादी न तो धर्म-परिवर्तन विरोधी नूतन विधानसे भय खाते हैं और न ही प्रशासनिक कार्यवाहीसे भय खाते हैं, राजनीतिक लाभके लिए कुछ तथाकथित धर्म निरपेक्ष राजनीतिक दल इन्हे अपरोक्ष रूपसे संरक्षण देनेका कार्य करते हैं । निद्रस्थ हिन्दुओंके पास न तो धर्मके लिए समय और नहीं अपनी सन्तानको संस्कार देनेके लिए समय है । इन सभी समस्याओंका एक ही समाधान है, वह है हिन्दूराष्ट्र ! जिसकी स्थापना शीघ्र अति शीघ्र होनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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