पाकिस्तानमें बलपूर्वक धर्मान्तरणकी घटनाओंमें ७० प्रतिशतसे अधिक अल्पवयीन बालिकाएं
१३ जनवरी, २०२२
पाकिस्तान भले ही भारतमें निवासित अल्पसङ्ख्यकोंपर चिन्ता दर्शाता रहता है; परन्तु उसके यहां प्रति वर्ष लगभग १००० हिन्दू, ईसाई लडकियोंका अपहरण, बलपूर्वक धर्मान्तरण व ‘निकाह’ होता है । इनमें ७० प्रतिशत अल्पवयीन बालिकाएं होती हैं ।
‘द नेशन’के अनुसार, पाकिस्तानमें ऐसी घटनाएं २०२० में १५ व २०२१ में ६० से अधिक थीं । प्रतिवर्ष १००० लडकियोंका अपहरण होता है व उन्हें धर्मान्तरणको विवश किया जाता है । अपहरण व धर्मान्तरणकर उनका ‘निकाह’ करवाया जाता है । कुछ दिवस पूर्व १३ व १९ वर्षकी दो हिन्दू लडकियों व एक ईसाई लडकीका अपहरणकर उनका ४० वर्षीय पुरुषोंसे ‘निकाह’ करवाया गया । अल्पसङ्ख्यकोंके अपहरण, दुष्कर्म, बलपूर्वक धर्मान्तरण जैसी घटनाओंमें प्रतिवर्ष वहां वृद्धि हो रही है । चिन्ताका विषय यह है कि इसे रोकने हेतु कोई विधान वहां पारित नहीं है ।
छोटी हिन्दू बालिकाएंभी पाकिस्तानमें सुरक्षित नहीं हैं । गत वर्ष गुरुद्वारेके ग्रन्थीकी १९ वर्षीया लडकी घरके भीतरसे अपहृत की गई । उसका भी धर्मान्तरणकर बलपूर्वक ‘निकाह’ करवाया गया । वह अभीतक घर नहीं लौट सकी है । इसीसे ज्ञात होता है कि साधारण हिन्दुओंकी लडकियां वहां कितनी असुरक्षित होंगी ! भारत शासनको ऐसी घटनाओंको ‘यूएन’में उठाकर वहांके हिन्दुओंकी बेटियोंकी सुरक्षा हेतु अग्रसर होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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