कांग्रेसके विवाहित नेताने महिला अधिकारीको प्रेमजालमें फंसानेके पश्चात किया दुष्कर्म, पीडिताने दुष्कर्म व ‘वसूली’का प्रकरण कराया प्रविष्ट


६ नवम्बर, २०२१
      मध्य प्रदेश कांग्रेसके नेता गिरिराज शर्मा ऐछवाडापर ‘पुलिस’ने एक ‘कानूनी’ अधिकारीसे विवाहका वचन देने और पुनः उससे पैसे ‘वसूलने’के आरोपमें प्रकरण प्रविष्ट किया है । ३२ वर्षीय पीडिताने लिखित परिवादके (शिकायतके) पश्चात, शिवपुरी जनपदके कोतवाली ‘थाने’में ऐछवाडाके विरुद्ध ‘आईपीसी’की धारा-३७६ (दुष्कर्म), ५०६ (आपराधिक धमकीके लिए दण्ड) और ३८४ (बलात ‘वसूली’का दण्ड) के अन्तर्गत, प्रकरण प्रविष्ट किया गया था ।
      पीडित अधिवक्ता (वकील) मध्य प्रदेश शासनके सहायक जनपद लोक अभियोजन अधिकारीके पदपर नियुक्त है । वह रेत खननसे जुडी एक घटनामें २०१९ में अधिवक्ताके सम्पर्कमें आए थे । ऐछवाडाने विवाहित होनेकी बातको छुपाते हुए अधिवक्ताको प्रेमजालमें फंसाया था । आरोप है कि ऐछवाडा विवाहका झांसा देकर अधिवक्ताके साथ दुष्कर्म किया और कालान्तरमें उसका भयादोहन (ब्लैकमेल) कर बलात ‘वसूली’ करने लगा ।
      आरोपित गिरिराज शर्मा ऐछवाडाका यौन शोषण और धोखाधडीका पुराना इतिहास रहा है । दो वर्ष पूर्व छतरपुर जनपद ‘पुलिस’ने बालू खननके नामपर अभय भदौरिया नामके एक व्यक्तिसे ६७ लाख रुपएकी ठगी करनेके आरोपमें उन्हें बन्दी बनाया गया था ।
     जिस कांग्रेस दलके नेता कुकर्मी और दुराचारी हो और साथ ही लोगोंका धन लूटनेवाले हो, ऐसे दलको सत्तामें आनेका क्या कोई अधिकार होना चाहिए ? स्वयं विचार कीजिए ! ऐसे निधर्मी और स्वार्थी राजनेताओं सहित यह कांग्रेस दल, अब अपनी अन्तिम सांस ले रहा है । इतिहास, इस दलके विनाशसे अवश्य ही शिक्षा लेगा और भविष्यमें एक धर्मयुक्त राजनीतिका उदय होगा । जो भारत देशको राजनीतिके वास्तविक अर्थ बतलाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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