सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन, हजारीबागमें हत्या, कोडरमामें ८ घायल, जामताडामें गांव बनी ‘छावनी’, अन्तर्जाल भी बन्द


७ फरवरी, २०२२
सरस्वती माताके विसर्जनके दिवसपर भी झारखंडमें शान्ति नहीं रही । झारखंडके हजारीबाग, कोडरमा और जामताडा जनपदोंमें सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जनके समय मुसलमानोंद्वारा हिंसा और उत्पात किया गया । हजारीबागमें १७ वर्षके रूपेश कुमार सरस्वती माताका प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे थे । यहांके लखना दूलमाहा इमामबाडाके निकट मुसलमान युवकोंने विसर्जन करने जा रहे लोगोंसे कहासुनी की । इसीमें रूपेश कुमारके साथ मारपीट भी की गई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई । ‘पुलिस’ने कहा, “प्रकरण प्रेम प्रसंगसे जुडा लग रहा है । दूलमाहा पंचायतके पप्पू असलम सहित ४ लोगोंको बन्दी बनाया गया है । उनसे पूछताछ की जा रही है ।”
कोडरमा जनपदमें सरस्वती माताका विसर्जन करने           जा रहे जनयात्राके (जुलूसके) साथ मुसलमानोंने उत्पात किया । इसमें ८ लोग घायल हुए । आरोप यह है कि    जनयात्रामें तीव्र संगीतके कारण पालतू पशु इधर-उधर भागने लगे । इसीको लेकर कर्बलानगरके लोगोंने ‘जेनरेटर-डीजे’ बन्द करनेको कहा । इसी बातपर दोनों पक्षोंमें विवाद हुआ और हिंसा हुई ।
जामताडाके फिटकोरिया ग्राममें सरस्वती माताकी प्रतिमाका विसर्जन करने इस ग्रामके लोग जानेवाले थे । मार्गमें ‘मस्जिद’ पडती है । मुसलमानोंने कहा कि विसर्जनके लिए ‘मस्जिद’के मार्गका चयन किया गया, तो अच्छा नहीं होगा । इसपर ‘पुलिस’को सूचना दी गई । तब विसर्जनके लिए ‘मस्जिद’से भिन्न मार्ग बनाया गया । साथ ही कहा गया कि ‘डीजे’ नहीं बजेगा, मात्र जयघोष लगाया जाएगा । मुसलमान इतनेपर भी नहीं माने; उन्होंने पुनः उत्पात किया ।
 ‘पुलिस’-प्रशासनको मुसलमानोंको समझाना पडा । ‘पुलिस’की बडी संख्यामें उपस्थितिके पश्चात सरस्वती प्रतिमाका विसर्जन रात्रि विलम्बसे सम्भव हो पाया ।
प्रतिमा विसर्जनमें हुए उत्पातके समय हिन्दूकी मृत्यु होनेपर झारखंड ‘पुलिस’को यह प्रेम प्रसङ्गका प्रकरण दिखाई देता है । ‘मस्जिद’के सामनेसे विसर्जनकी जनयात्रा न निकले, इस हेतु हिन्दुओंके लिए प्रतिमा विसर्जन हेतु भिन्न मार्ग बनाया जाता है और मुसलमानोंको केवल शान्तिसे समझाया जाता है ।
     हिन्दुओंं ! मुसलमानोंसे भयभीत ऐसी ‘पुलिस’ आगे हिन्दुओंकी क्या रक्षा करेगी ? इसका विचारकर संगठित हो जाएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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