अक्तूबर २८, २०१८
झारखण्डके गिरिडीहमें भजन गाना मु. शमशादको भारी पड गया । इसके पश्चात् शमशादको चेतावनी मिल रही है । इससे उसने भयभीत होकर गांव छोड दिया। गावां थानाके सामने स्थित मस्जिदके निकट शमशादका परिवार रहता है । शमशादने सावन माहमें शिवकी महिमापर आधारित धार्मिक गीत गाया था । इसपर अंजुमनके सदर असगर अली व उसके पुत्र जुनैदने चेतावनी देते हुए भविष्यमें भक्ति गीत नहीं गानेका आदेश दिया । इसके पश्चात् युवकके परिजनोंपर भी दबाव बनाया गया । आरोप है कि दोनोंने शमशादकी मां जैबुन निशांको हत्याकी चेतावनी भी दी !
भुक्तभोगीका कहना है कि दबाव बढनेपर उसके पिता भयभीत होकर इस बार मुहर्रममें अम्मीको अपने साथ पटना ले गए । युवक भी गांव छोडकर भाग गया है । एक वीडियो भेजकर उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए सुरक्षाकी मांग की है । वीडियोमें युवकका कहना है कि वह आजीवन भक्ति गीत गाना चाहता है ।
वीडियो प्रसारित होनेपर गावां अंजुमनके सदर, सचिव समेत कई लोगोंने एक संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन थानेमें दिया है । आवेदनमें लिखा है कि शमशाद वीडियोकेद्वारा झूठा आरोप लगाकर बदनाम कर रहा है । पुलिस इसकी जांच कर विधिसम्मत कार्यवाही करे । आवेदनमें सदर असगर अली, सेक्रेटरी मुस्लिम खान, मु. महताब आलम, जीशान, शमशेर खान, अब्दुल जब्बार, इमरान अंसारी, कासिम आदिके हस्ताक्षर हैं । गावांके थाना प्रभारी पुरुषोत्तम कुमारने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञानमें आया है । चलभाषपर लडकेसे बात हुई है ।
“धर्मनिरपेक्षताके नामपर हिन्दू आंख बन्दकर मजारोंपर चादरें चढाते हैं और वहीं यदि कोई मुसलमान भजन गा दे तो उसकी हत्याका प्रयास किया जाता है ! तथाकथित धर्मनिरपेक्षवादी इससे कुछ बोध लेंगे, ऐसी अपेक्षा है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक जागरण
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