“पतिने कराया सामूहिक दुष्कर्म, अब न्याय नहीं मिला तो फांसी लगा लूंगी”, ‘कांग्रेस’ प्रत्याशी रही यासमीन रावने ‘शौहर’ अरशद राणा समेत चारके विरुद्ध अभियोग कराया प्रविष्ट


१८ मार्च, २०२२
           उत्तर प्रदेशके विधानसभा चुनावोंमें ‘कांग्रेस’की प्रत्याशी रही ‘डाक्टर’ यासमीन रावने अपने ‘शौहर’ अरशद राणा समेत चार अन्य लोगोंपर उन्हें बन्धक बनाकर उनसे सामूहिक दुष्कर्म करनेका आरोप लगाया है । उनका कहना है कि १० मार्चको जब मतोंकी गणना हो रही थी, तब उनके पति उन्हें अपने साथ लेकर नहीं गए; अपितु उन्हें एक कक्षमें बन्द कर दिया । ‘कांग्रेस’ नेत्री यासमीनने ‘शौहर’ अरशदपर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने उनका सामूहिक दुष्कर्म कराया है एवं वह उन्हें वह पीटते और अवसादमें धकेल रहे थे । वह बताती हैं कि उन्हें कक्षके भीतर बन्द कर दिया गया था, जिसके पश्चात उन्होंने ‘सिविल लाइन पुलिस स्टेशन’में चलभाष किया एवं महिला ‘कॉन्स्टेबल’ने आकर उन्हें मुक्त किया । अब यासमीन यह कह रही है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगी । उन्होंने अपने ‘शौहर’पर यह भी आरोप लगाया है कि उसने उनके उल्टे-सीधे चलचित्र बना अधिकारियोंको दिखाए, जिसपर अधिकारी उनपर हंस रहे थे एवं उन्हें लज्जा आ रही थी । यासमीनने अरशद, उसके मामा व ‘ड्राइवर’के विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट किया है । मुजफ्फरनगरके ‘सीओ’ कुलदीप कुमारके अनुसार, प्रकरण प्रविष्ट हुआ है और भारतीय दण्ड संहिताकी विभिन्न धाराओं अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट हैं । वहीं यासमीनके ‘शौहर’ राणाने भी पत्नीपर मारपीटका आरोप लगाया है । उन्होंने जनपदके ‘एसएसपी’से मिलकर अपनी पत्नीके विरुद्ध परिवाद किया है ‌। उनका कहना है कि ‘कांग्रेस’ने उन्हें विधानसभाका ‘टिकट’ दिया था; परन्तु उन्होंने अपने स्थानपर अपनी पत्नीको प्रत्याशी बनाया । जब पत्नीने उनके साथ मारपीटकी तो वह अपने सुरक्षाकर्मीके साथ वाहनपर बैठ भाग गए ।
        सनातन धर्ममें पति-पत्नीके सम्बन्धको भी ईश्वर प्राप्तिके मार्गमें सहायक बताया गया है । वहीं अन्य पन्थोंमें विवाह मात्र अधिकसे अधिक सन्तान उत्पत्तिका मार्ग है, जहां परिवारमें महिलाओंका कोई अस्तित्व नहीं । ऐसे अनेक प्रसंग सनातन धर्मकी श्रेष्ठताको ही सिद्ध करते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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