नारायण स्तुति


सा बुद्धिर्विमलेन्दुशंखधवला या माधवव्यापिनी ।
सा जिह्वा मृदु भाषिणी नृप मुहुर्या स्तौति नारायणम् ॥
अर्थ
 : वही बुद्धि निर्मल और चन्द्रमा तथा शंखके समान उज्ज्वल है, जो सदा भगवान माधवके चिंतनमें संलग्न रहती है तथा वही जिह्वा मधुरभाषिणी है, जो बारम्बार भगवान नारायणका स्तवन किया करती है ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution