नवरात्रके समय होनेवाली चूकोंको टालकर भावपूर्वक करें साधना (भाग-२)
आजकल कर्मकाण्ड हेतु शुद्ध पूजन सामग्रीका मिलना बहुत ही कठिन होता है और यदि मिलती भी है तो अधिक मूल्यकी होती है । जैसे आजकल जो मशीनसे बने चौरस कर्पूर मिलते हैं, उनमें रसायन होता है और वह सात्त्विक नहीं होता है और शुद्ध भीमसेनी कपूर अधिक मूल्यका मिलता है । वैसे ही देशी गायका शुद्ध घी भी १२०० रुपये प्रति किलोसे अधिक मूल्यका मिलता है ।
एक बार मैं एक पूजाकी आपणिमें (दूकानमें) तिलका तेल लेने गई थी तो उन्होंने पूछा कि अच्छी गुणवत्ताका चाहिए क्या ?मैंने पूछा कि इसका अर्थ क्या है तो उन्होंने कहा कुछ लोगोंको सस्ता चाहिए होता है; इसलिए हमें हर प्रकारकी सामग्री रखनी पडती है ।
कर्मकाण्डकी पूजा करते समय हमें सात्त्विक सामग्रीका ही उपयोग करना चाहिए; अन्यथा हमें कर्मकाण्ड करनेका लाभ नहीं मिलता है; इसलिए नवरात्र जैसे त्योहारको सात्त्विक रीतिसे मनानेके लिए कुछ माह पहलेसे पैसेकी बचत कर सकते हैं ।
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