हिन्दू बालिकाओंको ईसाई बनानेका प्रशिक्षण देते ‘क्रिश्चियन मिशनरी गर्ल्स हॉस्टल’के कृत्यका ‘एनसीपीसीआर’ने किया रहस्योद्घाटन
११ नवम्बर, २०२१
मध्य प्रदेशके रायसेनमें ‘क्रिश्चियन मिशनरी गर्ल्स हॉस्टल’में चल रहे धर्मान्तरणके कुकृत्यका राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगके (एनसीपीसीआर) अध्यक्ष प्रियंक कानूनगोने रहस्योद्घाटन किया है । आयोगके अध्यक्षने छात्रावासका (हॉस्टलका) औचक निरीक्षण करते हुए पता लगाया कि वहां आदिवासी हिन्दू लडकियोंको छात्रावासमें धार्मिक ग्रन्थ देकर ईसाई पन्थकी ओर आकर्षित करनेके प्रयास चल रहे हैं । निरीक्षणके मध्य छात्रावासमें रखी गई पंजिकाको (रजिस्टरको) देखकर ही उन्हें यह भी ज्ञात हुआ कि परिसरमें १५-२० लडकियोंको रखा गया है, जो हिन्दू आदिवासी हैं एवं इनमें कुछ उत्तर-पश्चिमकी लडकियां भी सम्मिलित है । सभीको धर्मसे सम्बन्धित पुस्तकें पढाई जा रही थी; जिन्हें निरीक्षणके पश्चात जिलाधिकारीको सौंप दिया गया है । सभी लडकियां शासकीय विद्यालयमें पढ रही थी; क्योंकि परिसरमें कोई विद्यालय भी नहीं है । प्रियंकने इसे अनैतिक कृत्य भी बताया व उक्त संस्थापर कार्यवाहीकी मांग की । उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेशके रायसेनमें ही कुछ दिवस पूर्व ‘एनसीपीसीआर’ने एक प्रकरणपर कार्यवाही हेतु निर्देश दिए थे, जिसमें अवयस्क बालकको तिलक लगानेके कारण, उसकी अध्यापिका निशाद बेगमने बाहरी लडकोंसे पिटवाया था ।
ईसाई मिशनरी धर्मान्तरणके षड्यन्त्रमें निरन्तर सक्रिय हैं । इनके कुचक्रको कुचलनेके लिए हिन्दुओंको संगठित होना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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