देहरादून: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंडके पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारीकी पत्नीने उत्तर प्रदेशके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथको पत्र लिखकर तिवारीके स्वास्थ्यका दृष्टांत देते हुए लखनऊमें उन्हें आवंटित सरकारी आवास खाली करनेके लिए कम से कम एक वर्षका समय मांगा है। तिवारीकी पत्नी उज्ज्वला तिवारीने कहा कि वयोवृद्ध नेताका पिछले आठ माहसे नयी दिल्लीके एक निजी अस्पतालमें उपचार चल रहा है। योगीको लिखे अपने पत्रमें उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी मुश्किल और अनिश्चित परिस्थितियोंमें मेरे या मेरे पुत्र रोहित शेखर तिवारीके लिए लंबे समय तक दिल्लीसे बाहर रहना संभव नहीं है।’’
उत्तर प्रदेशके चार बार और उत्तराखंडके पहले मुख्यमंत्री रह चुके तिवारी पिछले साल २० सितंबरको हुए मस्तिष्काघातके बाद से दिल्लीके मैक्स चिकित्सालयमें भर्ती हैं। तिवारीकी पत्नीने भावनात्मक रूपसे लिखा, ‘‘मैं और मेरा परिवार सुप्रीम कोर्टके आदेशका सम्मान करते हैं लेकिन आपको पता है कि तिवारी अपने जीवनके अंतिम चरणमें हैं और यह नहीं कहा जा सकता कि कब क्या हो जाएगा।’’
सुप्रीम कोर्टने उत्तर प्रदेशके सभी पूर्व मुख्यमंत्रियोंसे अपने सरकारी आवास खाली करनेको कहा है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकारने गत १७ मईको पूर्व मुख्यमंत्रियोंको उनके सरकारी आवास खाली करनेके लिए सूचना(नोटिस) भेजी। तिवारीके स्वास्थ्यका दृष्टांत देते हुए उनकी पत्नीने कहा है कि उन्हें निरंतर देखभालकी आवश्यकता है। स्वतंत्रतासे पहले और बादमें राष्ट्र निर्माणमें तिवारीके महत्वपूर्ण योगदानको देखते हुए उन्हें लखनऊमें 1ए मॉल एवेन्यू स्थित आवासको खाली करनेके लिए कम से कम एक वर्षका समय दिया जाना चाहिए ।
आपको बता दें कि एनडी तिवारीको माल एवेन्यूमें १९८९ से आवास आवंटित है। कल्याण सिंहको माल एवेन्यूमें ही साल १९९१ से आवंटित है। सपा नेता मुलायम सिंह यादवको विक्रमादित्य मार्गमें १९९२ से आवास आवंटित है। जिसका किराया १३,४७८ रुपये प्रति माह है। वहीं वर्ष २००० में उत्तरप्रदेशके मुख्यमंत्री रहे राजनाथ सिंहको कालिदासमें आवास आवंटित, जिसका किराया ५३२० रुपये हैं। बसपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मायावतीको मॉल एवेन्यूमें वर्ष १९९५ से आवास आवंटित है। वहीं अखिलेश यादवका आवास भी विक्रमादित्य मार्ग पर हैं, अखिलेषका सरकारी आवास अपने पिता मुलायम सिंहके ठीक बराबर में है।
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