‘किटकैट चॉकलेट’के आवरणपर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्राका चित्र लगानेपर हुआ विरोध ‘नेस्ले’ने मांगी क्षमा


१८ जनवरी, २०२२
‘चाकलेट’के आवरणपर (‘रैपर’पर) हिन्दू
देवी-देवताओंका चित्र छापनेसे उठे विवादके पश्चात ‘मल्टीनेशनल कम्पनी नेस्ले’ने क्षमा मांग ली है । इसके साथ ही ‘नेस्ले’ संस्थानने ऐसे सभी उत्पादोंको लौटानेकी भी घोषणा की है । ‘नेस्ले’ने यह क्षमायाचना अपने आधिकारिक  ‘ट्वीट’द्वारा की है । विरोध करनेवालोंने लिखा कि ‘चाकलेट’ खानेके पश्चात उसके भगवानवाले चित्रके आवरणको कूडेदानमें फेंक दिया जाता है और यह हिन्दुओंकी आस्थाका अपमान   है । ‘नेस्ले’ने कहा, “आवरणपर लगा हुआ चित्र शासकीय पर्यटनके अन्तर्जालसे कला हेतु प्रेरित है; तथापि यदि किसीकी भावनाको हमारी ओरसे चूकसे अनजानेमें किसीको आघात पहुंचा हो तो हम क्षमा चाहते हैं ।”
     पहले भी ऐसे प्रकरण होते रहे हैं और कथित क्षमायाचनासे उनका पटाक्षेप भी होता रहा है । ऐसे प्रकरणोंमें दण्ड ही सही समाधान है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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