घरका वैद्य – नित्यकल्याणी (सदाबहार) ( भाग – ४)


अर्श रोगमें लाभप्रद : सदाबहारकी पत्तियों और पुष्पोंको कूटकर अर्शरोग (बवासीर) होनेपर इसे लगानेसे शीघ्र ही लाभ मिलता है । ऐसा प्रतिदिन रात्रिको सोनेसे पूर्व करना चाहिए ।
फोडे-फुंसीमें लाभप्रद : यदि त्वचापर घाव या फोडे-फुंसी हो जाए तो इसकी पत्तियोंका रस दूधमें मिलाकर लगानेसे घाव पक जाता है और शीघ्र ही मवाद बाहर निकल आता है ।
घावके उपचारमें लाभप्रद : सदाबहारकी पत्तियोंको तोडनेपर जो दूध निकलता है, उसे घावपर लगानेसे किसी प्रकारका संक्रमण नहीं होता और घाव शीघ्र सूख भी जाता है ।
यदि त्वचापर खुजली, लाल निशान या किसीप्रकारकी तीव्रग्राहिता (एलर्जी) हो गई है तो इसकी पत्तियोंका रस लगानेसे ये सभी रोग दूर हो जाते हैं ।
बालोंकी समस्यामें लाभप्रद : बाल झडने या श्वेत होने जैसी समस्यामें सदाबहार पुष्पको कूटकर बालोंमें लगा लेनेसे बालोंकी समस्या दूर हो जाती है ।
मस्तिष्कमें लाभप्रद : सदाबहारकी पत्तियोंका रस मस्तिष्कके रोगोंको ठीक करनेमें भी लाभप्रद है । इसमें विद्यमान पोषक तत्त्व अनिद्रा, अवसाद, पागलपन जैसे रोगोंसे बचाता है । यदि किसी व्यक्तिको नींद न आने व चिन्तासे सिर भारी होता है तो इसके एक चम्मच रसको मधुके (शहदके) साथ मिलाकर पीनेसे रोग ठीक हो जाएगा ।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution