‘कोई स्वेच्छासे नहीं पहनती ‘हिजाब’, पूर्ण नहीं होगा ‘गजवा-ए-हिन्द’का स्वप्न’, ‘बुर्का’ विवादपर मुख्यमन्त्री योगीकी दो टूक
१७ फरवरी, २०२२
‘बुर्का’को लेकर चल रहे विवादके मध्य उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने एक बार पुनः ‘गजवा-ए-हिन्द’का स्वप्न देखनेवालोंको चेताया है । उन्होंने कहा है कि देश संविधानसे चलेगा, ‘शरीयत’से नहीं । ‘इंडिया टुडे’के साथ वार्तालापमें उन्होंने कहा कि ‘हिजाब’ कोई भी अपनी इच्छासे नहीं पहनता । उन्होंने कहा कि जो लोग ‘तालिबान’ लाने, ‘दंगा’ कराने और आधी जनसंख्याको उसके अधिकारसे वञ्चित करना चाहते हैं, उन्हें बता दूं कि ‘गजवा-ए-हिन्द’का ये स्वप्न ‘कयामत’के दिनतक पूरा नहीं होगा ।
साक्षात्कारमें ‘सीएम’ योगी आदित्यनाथने कहा, “कोई स्वेच्छासे ‘हिजाब’ नहीं पहनती । क्या ‘तीन तलाक’की कुप्रथाको लडकियां स्वेच्छासे स्वीकार करती थीं । मैंने तो लखनऊमें ‘तीन तलाक’की पीडित महिलाओंका सम्मेलन किया था और उनके अश्रुओंको देखा है । सार्वजनिक जीवनमें सभीको कुछ भी पहननेका अधिकार है । मैं भगवा पहनता हूं; किन्तु कार्यालयमें सभीको यही करनेके लिए नहीं कह सकता । यदि कोई संस्था है तो उसका अपना अनुशासन भी होना चाहिए ।”
मुसलमान समाजका वास्तविक सत्य यह है कि वे एक ओर ‘हिजाब’का विवाद उठाकर अपना राजनीतिक उल्लू सीधा करनेमें लगे है, उधर उनके स्वयंके बच्चे देश और विदेशमें रहकर ‘मॉडल’ बने घूम रहे है । मुसलमान पन्थमें यह दोहरा चरित्र तथाकथित ‘मौलानाओं’के कारण ही है; अतः यह राजनीति है, जिसका उत्तर मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने भलीभांति दिया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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