नवीन पटनायक शासनने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’की सहायताके लिए ‘मुख्यमन्त्री राहत कोष’से दिए ७९ लाख
०५ जनवरी, २०२२
ओडिशाके मुख्यमन्त्री नवीन पटनायकने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’द्वारा संचालित १३ संस्थानोंकी सहायताके लिए ‘मुख्यमन्त्री राहत कोष’से (CMRF से) सहायता प्रदान की है । मुख्यमन्त्री कार्यालयने मंगलवारको (४ जनवरी २०२२ को) एक वक्तव्य प्रकाशित कर कहा, “ओडिशाके मुख्यमन्त्री नवीन पटनायकने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’को सहायताके रूपमें ‘मुख्यमन्त्री राहत कोष’से (सीएमआरएफसे) ७८.७६ लाख रुपएकी स्वीकृति दी है ।”
समाचार अभिकरण ‘एएनआई’के अनुसार, कार्यालय यह सहायता राज्यके आठ जनपदोंमें संचालित हो रहे ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के (MoC के) संस्थानोंके लिए है । इस निर्णयसे ९०० से अधिक कुष्ठ (Leprosariums) और अनाथालयोंको लाभ होगा ।
वास्तवमें केन्द्रीय गृहमन्त्रालयने इन संस्थानोंके
‘एफसीआरए’ अनुज्ञप्तिकी (लाइसेंसको) नवीनीकरण (रिन्यूवल) करनेसे मना कर दिया था । जिसके पश्चात ओडिशा शासनने इन संस्थानोंको लाखों रुपएकी सहायता की है । तत्पश्चात ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ने केन्द्र शासनसे इसके अधिकोष खातोंको (बैंक अकाउंट्सको) ‘फ्रिज’ करनेके लिए कहा था । मन्त्रालयकी ओरसे कहा गया था कि इसके विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) पंजीकरणका नवीकरण (रिन्यू) इसलिए नहीं किया गया; क्योंकि, यह आवेदनकी पात्रता नियमोंको पूरा नहीं कर सका ।
कुछ समय पूर्व पटनायक शासनने पृथक-पृथक जनपदाधिकारियोंको निर्देश दिया था कि संगठनके द्वारा चलाए जा रहे किसी भी ‘शेल्टर’ या अनाथआलयोंको संचालनमें कोई समस्या नहीं आनी चाहिए ।
यह है ओडिशा शासनका वास्तविक रूप ! जिसे देख कोई भी सामान्यजन समझ सकता है कि वहांके जनमानसका भविष्य क्या होनेवाला है ? अतः हिन्दुओं मतके अधिकारका सदुपयोग करें एवं राष्ट्र प्रथम इस भावनाको ध्यान रखकर ही प्रत्येक कृति करें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
साभार : हिन्दू जन जागृति समीति
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