सूर्य मंदिरके संरक्षणमें हो रही लापरवाहीकी जांच हो : नवीन पटनायक


नवम्बर १२, २०१८

ओडिशाके मुख्यमन्त्री नवीन पटनायकने कोणार्कके सूर्य मन्दिरमें कलात्मक पाषाण नक्काशीको हटाकर सपाट पत्थर लगानेके सम्बन्धमें केन्द्र शासनसे जांच करवानेका आग्रह किया है । नवीन पटनायकने केन्द्र सरकारसे कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षणको (एएसआई) इस भव्य विश्व धरोहरके संरक्षणके लिए तुरंन्त समुचित पग उठानेका परामर्श दिया जाए ।

ओडिशाके एक दैनिक समाचारपत्रमें प्रकाशित विवरणका वर्णन करते हुए मुख्यमन्त्रीने केन्द्रीय संस्कृति मन्त्री महेशको पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस बातका उल्लेख किया है कि कोणार्कके सूर्य मन्दिरमें नक्काशी किए गए असली पत्थरको हटाकर सपाट पत्थर लगाए गए हैं । मुख्यमन्त्रीका यह पत्र रविवार, ११ नवम्बरको समाचार माध्यमोंको उपलब्ध कराया गया।

पत्रमें मुख्यमन्त्रीने लिखा, “समाचार पत्रमें उल्लेख किया गया है कि कोणार्कके सूर्य मन्दिरमें नक्काशी किए गए ४० प्रतिशत पत्थरोंको एएसआईद्वारा हटाकर सपाट पत्थर लगाए गए हैं !” उन्होंने कहा, “यह विवरण हम सबके लिए चिन्ताका विषय है । मैं समझता हूं कि मन्दिरपर एएसआईको अधिक ध्यान देनेकी आवश्यकता है । एएसआईको कोणार्क सूर्य मन्दिरके उचित संरक्षण और इसकी कला व सौंदर्यके महत्वपर अधिक ध्यान देनेकी आवश्यकता है ।” मुख्यमन्त्रीने कहा कि संकल्पना और प्रस्तुति दोनोंमें रचनात्मक प्रतिभाकी उत्कृष्ट कलाकृति इस मन्दिरमें सूर्यके रथको दशार्या गया है और यह यूनेस्कोद्वारा घोषित विश्व धरोहरोंमें सम्मिलित है ।

 

“क्या प्राचीन किलों और मकबरोंका संरक्षण करने वाली सरकारों व तथाकथित पुरातत्व विभागकी सूर्य मन्दिरके प्रति ऐसी उदासीनता कला व हिन्दुत्व दोनोंका अपमान नहीं है ? भ्रष्टाचार व विलासिताने नेताओं और आलसी अधिकारियोंको निष्क्रिय कर इस देश व धर्मकी अवस्था जर्जर की है; अतः अब हिन्दू राष्ट्र अनिवार्य है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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