भगवानके सिरपर लात मारकर ईसाई बनानेवाला पादरी बनाया गया बन्दी
१५ जनवरी, २०२१
हिन्दुओंके देवी-देवताओंको लात मारकर साधारण ग्रामोंको ‘Christ Villages’ बनानेवाले ईसाई पादरी प्रवीण चक्रवर्तीको आंध्र प्रदेशकी ‘सीआईडी’ने १३ जनवरी २०२२ को बन्दी बना लिया । उसके व उसके सङ्गठन ‘साइलम ब्लाइंड सेंटर’के विरुद्ध ‘LRPF (Legal Rights Protection Forum)’ने वर्ष २०१९ में गृह मन्त्रालयमें परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट करवाया था ।
पादरीके विरुद्ध विभिन्न धार्मिक समूहोंके मध्य शत्रुताको बढावा देने और पूजा स्थलमें अपराध करनेके लिए ‘आईपीसी’की विभिन्न धाराओं- ‘१५३ ए, १५३ बी (१) (सी), ५०५ (२), २९५ ए, १२४ ए और ११५’के अन्तर्गत आरोप लगाए गए हैं । उसके ऊपर ‘सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम’की ‘धारा ६६ f’के अन्तर्गत भी प्रकरण प्रविष्ट हुआ है ।
‘LRPF’द्वारा साझा किए गए चक्रवर्तीके एक ‘वीडियो’में देख सकते हैं कि वो बता रहा है कि कैसे वह गांवमें रह रहे लोगोंसे ईसाई धर्म स्वीकार करवाता है । उसने कहा कि पहले एक पादरीको गांवमें बुलाकर ‘बाइबल’ पढाई जाती है । जब गांवमें सभी ईशुको अपना पालनहार मान लेता है और पत्थरके भगवानों और पेडोंको लात मार देता है, तब वह गांव ‘Christ village’में परिवर्तित हो जाता है ।
हिन्दुओ, ऐसे अनेक पादरी अभी भी हैं, जो देवताओंको ठोकर मारकर ईसाइयोंके गांव बनाना चाहते हैं । अब उन्हें ठोकर मारकर भारतसे बाहर फेंकनेका समय आ गया है । इस हेतु सभी धर्मनिष्ठ सिद्ध हो ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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