१२ फरवरी, २०२२
पाकिस्तानमें अल्पसंख्यक हिन्दुओंके विरुद्ध एक और आक्रमणमें, सिंध प्रान्तके रोहरीमें एक हिन्दू देवालयको इस माहके आरम्भमें मुसलमानोंने न केवल लूटा; अपितु उसे भङ्ग कर दिया । उन्होंने शिरनवाली माता हिन्दू देवालयमें धनराशि और स्वर्ण भी लूट लिए और हिन्दू देवताओंकी ५ मूर्तियोंको नष्ट कर दिया । पाकिस्तानमें अल्पसंख्यकोंके अधिकारोंकी रक्षाके लिए प्रतिबद्ध अलाभकारी सङ्गठन ‘वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी’ने इस घटनाके विषयमें ‘ट्वीट’ किया और पाकिस्तानमें हिन्दू समुदायके धार्मिक स्थलोंकी सुरक्षाका अनुरोध किया ।
सिंध मानवाधिकार आयोगने आक्रमणकी निन्दा की और एक सतर्कता मञ्चके रूपमें कार्य करने और अल्पसंख्यकोंके विरुद्ध हिंसाके प्रकरणोंपर दृष्टि रखनेके लिए एक विशेष समितिके गठनका पक्ष समर्थन किया । इससे पूर्व जनवरीको सिंध प्रान्तके थारपारकर जनपदमें निर्माणाधीन हिंगलाज माता देवालयको पाकिस्तानी प्राधिकरणने गिरा दिया था । साथ ही वर्ष २०२० में नवरात्रके समय अज्ञात आतताइयोंने हिंगलाज माताकी मूर्तिको भी क्षतिग्रस्त कर दिया था, साथ ही उनके वाहनका मुख भी भङ्ग कर दिया था ।
क्या कभी हिन्दुओंद्वारा किसी समुदायके धार्मिक स्थलोंपर आक्रमण करते सुना है ? पाकिस्तानको भारतमें ‘हिजाब’ प्रकरणमें बोलना तो आता है; किन्तु पाकिस्तानमें हिन्दू देवालयोंपर जो आक्रमण हो रहा है, वह उसे दिखाई नहीं देता । भारतीय शासन ऐसे हिन्दूद्वेषी पाकिस्तानपर हिन्दुओं तथा देवालयोंकी सुरक्षा हेतु दबाव बनाए, यह सभी हिन्दुओंकी मांग है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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