पाकिस्तानी आतङ्की अशरफको भारतके जिहादी करते थे सहयोग, मुसलमान बहुल किशनगंजके सरपंचने बनवाया था छद्म अभिज्ञानपत्र


१६ अक्टूबर, २०२१
       देहली ‘पुलिस’के विशेष प्रकोष्ठद्वारा बन्दी बनाए गए पाकिस्तानी आतङ्की अशरफका बिहारसे सम्बन्ध उजागर हुआ है । वह बांग्लादेशके मार्गसे भारत आया था, जहां अजमेरके कुछ स्थानीय जिहादियोंकी सहायतासे वह बिहार पहुंचा और मुसलमान बहुल किशनगंजके एक सरपंचने उसका छद्म अभिज्ञानपत्र बनवाया । इसके पश्चात अशरफ अर्थात अली अहमद नूरी देहलीके जिस घरमें भाडेपर रहता था, वहां गृहस्वामीसे विद्युतका बीजक (बिल) लेकर, २०१३ में पारपत्र (पासपोर्ट) भी बनवा लिया । वह पाकिस्तानी गुप्त अभिकरण ‘आईएसआई’के कहनेपर ‘दावत ए इस्लामी’ संस्थासे जुडा हुआ था । चार-पांच अवसरोंपर विदेशोंकी यात्राएं कर, २०१४ में ‘जादू-टोना’ सीखनेके पश्चात, वह मौलवी बनकर, लोगोंके घरमें जाकर, लोगोंको जिहादी बनानेका प्रयत्न करता था ।
       उल्लेखनीय है कि उक्त सभी स्थानीय जिहादियों और ‘अशरफ’के सहयोगियोंको यह भली-भांति ज्ञात था कि वे ‘पाकिस्तानी’ नागरिक है । पाकिस्तानसे अशरफको प्रतिमाह वेतनके रूपमें २०-२५ सहस्र रुपए मिलते थे । इसके अतिरिक्त १०-१५ सहस्र वह भारतमें जिहादी गतिविधियोंमके माध्यमसे अर्जितकर रहा था ।
      भारतमें भी अधिकांश धर्मान्ध जिहादी, भारत विरोधी और हिन्दूविरोधी ही हैं, यह उक्त प्रकरणसे सिद्ध होता है; अतः अब तो हिन्दुओंको सचेत हो ही जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution