अक्तूबर १७, २०१८
दशहराके अवसरपर पटनामें विज्ञापनपटके द्वारा आरोप-प्रत्यारोप (पोस्टर वार) जारी है । पहले कांग्रेसका तो अब इसमें राजद भी आ गया है; लेकिन राजदके लगे विज्ञापन पटपर (पोस्टर पर), जिसमें तेजस्वी यादवको राम और मुख्यमन्त्री नीतीश कुमारको दशानन दिखाया गया है, उसपर विवाद आरम्भ हो गया है । कांग्रेसने इसपर कडी आपत्ति प्रकट की है । राजदके कार्यकर्ताओंने दल कार्यालयके (पार्टी ऑफिस) ठीक सामने यह विज्ञापनपट (पोस्टर) लगाया है, जिसपर आते-जाते सबकी निगाहें ठहर जा रही हैं । इस प्रकारका विवादित पट लोगोंके लिए चर्चाका विषय बन रहा है ।
वहीं राजदद्वारा लगाए गए इस पटपर कांग्रेसने कहा कि नीतीश कुमार केवल नेता नहीं बिहारके मुख्यमन्त्री भी हैं और मुख्यमन्त्रीको रावण दिखाना अनुचित है ! कांग्रेसके ही सांसद अखिलेश सिंहने भी कहा कि तेजस्वी राम हो सकते हैं; लेकिन किसी औरको रावण दिखाना सही नहीं है । इसपर राजदके प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगनने कहा कि रावण अत्याचारका प्रतीक है । बिहारमें अपराध, दुष्कर्मकी घटनाएं बढ रही हैं । हमने किसी व्यक्ति विशेषको नहीं, वरन सरकारको लक्ष्य किया है ।
हिन्दुओं ! सम्पूर्ण वर्ष हिन्दुत्वको जी भरकर कोसने वाले, मतदान आते ही अपने उसी मुखद्वारा राम-लक्ष्मण क्यों करने लगते हैं, इसपर स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक जागरण
Leave a Reply