दिसम्बर ८, २०१८
सरकारके एक चलचित्र उत्सवमें पहलू खान मॉब लिंचिंग घटनाक्रमपर बनाई गए एक लघु चलचित्र प्रदर्शित किया गया है । जिसपर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके कुछ वरिष्ठ नेताओंने विरोध प्रकट किया है । बता दें गत वर्ष अप्रैल माहमें राजस्थानके अलवरमें गोतस्करीके आरोपमें पहलू खान नामक व्यक्तिकी भीडद्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी । अभी इस प्रकरणकी जांच चल रही है । गत सप्ता गोवामें आयोजित हुए अन्तर्राष्ट्रीय चलचित्र उत्सवके भारतीय चलचित्र विकास प्राधिकरणके (नेशनल फिल्म डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन) समारोहके मध्य पहलू खानकी मॉब लिंचिंगपर बनी चलचित्रका प्रदर्शन किया गया था । इसका शीर्षक ‘अल-वार’ था, जिसकी टैगलाइन थी कि “धर्म मांस नहीं खाता, वरन् मानवोंको खाता है ।”
समारोहके मध्य चलचात्रको काफी सराहा गया, परन्तु आरएसएसके कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियोंने इसपर विरोध प्रकट किया है । इस चलचित्रका निर्देशन जयदीप यादवद्वारा किया गया है और चलचित्रको ‘प्रोड्यूस रैपचिक फिल्म्स’द्वारा किया गया है । चलचित्रमें एक गरीब मुस्लिम परिवारकी कहानी दिखाई गई है, जो पशुपालन कर अपनी आजीविका चलाता है । परिवार अपने पशुओंसे बहुत प्रेम करता है ।
यह लघु चलचित्र, समारोहके ‘व्यूइंग सेक्शन’में दिखाया गया था । ‘इकॉनोमिक टाइम्स’के एक समाचारके अनुसार, विश्व हिंदू परिषदके प्रवक्ता सुरेन्द्र जैनने इसकी निंदा की है और आरोप लगाया कि “इसमें इस प्रकरणका एक पक्ष दिखाकर हिन्दुओंको बदनाम करनेका षडयन्त्र किया गया है । जैनने कहा कि इसकी जांच अभी चल रही है । ऐसेमें इस प्रकरणपर बने चलचित्रको सरकारी चलचित्र समारोहके साथ ही कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए ।” आरएसएसके एक पदाधिकारीने भी इसपर आपत्ति प्रकट की और कहा कि “चलचित्रको ऐसे मंचपर प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए था, जहां अन्तर्राष्ट्रीय अतिथि उपस्थित थे, इससे देशकी अनुचित छवि बनती है ।”
“क्या तुष्टिकरणकी अतिमें शासनवर्ग यह भी भूला चुकी हैं कि इस देशके हिन्दू अब राज्योंमें अल्पसंख्यक हो चूका है और जो प्रकरण अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है, उसपर बोलना कहांकी बुद्धिमानी है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
Leave a Reply