‘पुलिस’का डण्डा छीन ‘पुलिस’को ही पीटा, ‘नमाजियों’ने ‘जेब’में भर रखे थे ‘पत्थर’, ‘पुलिस’पर फेंके पदवेश


४ मई, २०२२
       राजस्थानके करौलीके पश्चात मुख्यमन्त्री अशोक गहलोतके गृह जनपद जोधपुरमें भडकी हिंसाके पश्चात ३६ घण्टेका ‘कर्फ्यू’ लगाने और अन्तर्जाल (इंटरनेट) बन्द करनेसे स्थिति तनावपूर्ण है ।‘ईद’के अवसरपर उपद्रवियोंने ‘पुलिस’पर ‘पथराव’ कर उनपर ‘चप्पलें’ भी फेंकी थीं । यही नहीं जनसमूहने ‘पुलिस’के हाथसे डण्डे छीनकर उन्हें मारे, जिससे एक पुलिस अधिकारीके मस्तकपर अधिक चोट आ गई ।
      विवरणके अनुसार, इस मध्य उपद्रवियोंने ‘जेब’में ‘पत्थर’ भरकर रखे थे । वे जहांसे भी निकले, ‘आगजनी’ और ध्वस्त करते गए । ऐसा करके उन्होंने एक चौराहेका तनाव ५ क्षेत्रोंमें पहुंचा दिया । इस प्रकार समूचे नगरमें हिंसा फैल गई ।
      बताया जा रहा है कि दीपक परिहार अपने दादाकी औषधियां लेनेके लिए घरसे निकले थे । क्रोधित युवकोंने उनका पीछा किया और पीठमें चाकू घोंप दिया ।
    जानकारीके अनुसार, यह घटना ‘ईद’के दिन जालौरी ‘गेट’में ‘अंजाम’ दी गई, जहां जोधपुरकी सबसे बडी ‘मस्जिद’ है । वहां सोमवार (२ मई २०२२) रात्रि विलम्बसे कुछ मुसलमान युवक चौराहेपर अपना ध्वज लगा रहे थे, जब दूसरे पक्षकी ओरसे विरोध किया गया तो मारपीट आरम्भ हो गई, उसके पश्चात ‘पथराव’ होने लगे । घटनामें १ ‘दर्जन’से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं ।
         गहलोत शासनका सहयोग पाकर, मुसलमानोंने ‘पुलिस’ प्रशासनपर ‘पत्थरों’से आक्रमण किया है । तुष्टीकरणकी नीतिके चलते ये हुआ है । जहां हिन्दुओंके विरुद्ध पुलिसबलका प्रयोग हुआ । वहीं, कथित शान्तिका सन्देश देते पांच समयके नमाजियोंने विधानके विरुद्ध जाकर, जोधपुरको जम्मू कश्मीर बना डाला । यह सब गहलोत शासनकी वास्तविकता दर्शानेके लिए पर्याप्त है; परन्तु अब यह सब न हो; इसलिए राजस्थानके हिन्दू परिवर्तन चाहते है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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